MP:नईगढ़ी में नशीली कफ सिरप की बड़ी खेप! विवादित थाना प्रभारी के जवाब न देने से बढ़ा सस्पेंस
मऊगंज। मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में नशीली कफ सिरप से लदी एक कार मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गुरुवार तड़के करीब 4 बजे कोट कुशहा ग्राम के समीप एमपी-53 नंबर की एक कार में भारी मात्रा में मादक कफ सिरप लोड थी। पुलिस की भनक लगते ही कथित तस्कर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कार के शीशे पूरी तरह बंद होने के कारण पुलिस ने कांच तोड़कर अंदर रखी कथित नशीली कफ सिरप को बाहर निकाला और वाहन को टोचन कर अपने कब्जे में ले लिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि कार से लगभग *393 से 396 शीशी मादक कफ सिरप बरामद हुई है। हालांकि बरामदगी की वास्तविक मात्रा को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
तीन गाड़ियों में थे तस्कर?
ग्रामीणों का आरोप है कि कथित तस्कर तीन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आए थे, लेकिन पुलिस के हाथ केवल एक कार लगी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बाकी वाहन और उनमें सवार लोग कहां चले गए। यदि यह दावा सही है, तो पूरे नेटवर्क तक पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।
थाना प्रभारी की चुप्पी ने बढ़ाए सवाल ?
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब नईगढ़ी थाना प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पुलिस की इस चुप्पी से स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं थाना प्रभारी ?
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान थाना प्रभारी अपने पिछले कार्यकाल में भी विवादों में रहे थे और गंभीर आरोप लगने के बाद उन्हें लाइन अटैच किया गया था। हालांकि उन मामलों की वर्तमान स्थिति पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
वाहन नंबर से खुल सकता है पूरा नेटवर्क
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि कार के रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन मालिक और उससे जुड़े लोगों की गहराई से जांच की जाए तो पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों तक पहुंचने और कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने कार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन पूरे मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आने से कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं? अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पुलिस इस कथित तस्करी गिरोह की पूरी कड़ी तक पहुंच पाती है?









