नरसिंहपुर.16 मिनट पहले

नरसिंहपुर जिले के खैरी सांकल गांव में 7 हजार घनमीटर अवैध रेत जब्त होने के बाद भी रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं. प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बावजूद नर्मदा और उसकी सहायक नदियों से रेत का अवैध कारोबार बदस्तूर जारी है.
ताजा मामला सोमवार को करेली जनपद के सगुन घाट से सामने आया, जहां माफिया बेखौफ होकर नावों के जरिए नर्मदा नदी के बीच से रेत निकाल रहे हैं.
सगुन घाट से नावों के जरिए रेत किनारे तक लाई जा रही है और फिर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर रातिकरार की ओर तस्करी की जा रही है। आश्चर्य की बात यह है कि धरमपुरी में सरकार द्वारा स्वीकृत खदान मौजूद है और सगुन व रतिकर घाट की सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिकृत कंपनी 'पावर मैक' की है.
इसके बावजूद कंपनी की टीम ने इस अवैध गतिविधि पर आंखें मूंद ली हैं, जिससे माफिया और कंपनी के बीच मिलीभगत का संदेह गहरा गया है.
सोमवार की सुबह करीब पांच बजे जब मीडिया टीम सगुन घाट पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था. सुबह से ही दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली बालू लादने के लिए लाइन में लगी थीं और नदी में चार नावें बालू निकालने में लगी थीं. मीडिया के कैमरे देखने के बाद भी रेत चोरों के चेहरे पर कोई खौफ नहीं दिखा; उन्होंने बड़ी सहजता से अपना काम जारी रखा।

तस्करी में नाबालिग भी शामिल, प्रशासन को भेजे गए वीडियो
इस अवैध काम में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि रेत खनन और परिवहन के लिए नाबालिग बच्चों को भी काम पर लगाया जा रहा था। जब उनसे इस काम के पीछे के मास्टरमाइंड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली.
कार्रवाई का इंतजार है
मीडिया टीम ने मौके से जियो टैग (स्थान आधारित) वीडियो बनाकर कलेक्टर को व्हाट्सएप पर भेजा। हालांकि, निजी कारणों से छुट्टी पर होने के कारण वह उनसे नहीं मिल सकीं.
खनन विभाग के इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी सोमवार को जिले से बाहर थे, जिन्हें ये वीडियो भेज दिया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला अब प्रशासन के आला अधिकारियों के संज्ञान में आ गया है और टास्क फोर्स कमेटी जल्द ही इस घाट पर कार्रवाई कर सकती है.












