
CM Dhami Reacted to Rishabh Pant: भारतीय क्रिकेटर और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड में घर के लिए जमीन नहीं मिलने पर मदद की गुहार लगाई थी। अब इस पर सीएम ने प्रतिक्रिया देते हुए मदद का आश्वासन दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पंत से जल्द से जल्द संपर्क करने और उनकी हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंत के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि प्रिय ऋषभ आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश और दुनिया का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है।
उन्होंने आगे कहा कि आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे जल्द ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हर संभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।
ऋषभ पंत ने देर रात एक्स पर पोस्ट करते हुए सीएम धामी से अपने लिए ‘गिफ्ट’ की मांग की। उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर लिखा, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए यह एक शानदार तोहफा होगा, लेकिन अगर आप मुझे इजाजत दें, तो मैं सरकार से उनकी तय दरों पर जमीन खरीदना चाहता हूं। ताकि मैं अपने ही राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मेरी मदद करें। सच कहूं तो मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यह कैसे करूं।’
उत्तराखंड शिफ्ट होना चाहते हैं ऋषभ पंत
उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से किए अपने दूसरे ट्वीट में सीएम पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा, ‘नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का मूल निवासी होने के नाते मुझे यहां से दूर हुए काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन यहां रहने के लिए मुझे कोई अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है।’
जमीन खरीदने में मेरी मदद करें- पंत
पंत ने आगे अपनी परेशानी जाहिर करते हुए लिखा, ‘मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। आपसे मेरी विनम्र विनती है कि जमीन खरीदने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल जमीन से जुड़े मामलों में स्पष्टता न होने के कारण यह बहुत मुश्किल काम हो गया है। इसके अलावा, एक जमीन का मामला भी अटका हुआ है जो मुझे तब मिलनी चाहिए थी जब मैं राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहा था। सब कुछ छोड़कर मैं अपने मूल स्थान पर वापस आकर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहता हूं।’
अंत में उन्होंने इस मामले पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही बताया कि 3 साल बीत चुके हैं और उन्हें अभी तक कोई जमीन नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि मुझे आपके जवाब का इंतजार रहेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए उन्हें मदद की तसल्ली दी।









