September 19, 2026 5:02 am

BREAKING NEWS

Bride Leaves Husband for Lover: ‘प्रेमी को नहीं छोड़ सकती, उसी के साथ जिऊंगी…’, शादी के महज 14 दिन बाद ससुराल छोड़ मायके पहुंची दुल्हन, थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा अनंत चतुर्दशी पर क्यों बांधा जाता है पवित्र ‘अनंत सूत्र’? जानिए इसका पौराणिक महत्व Drinking Water TDS Level: 50, 150 या 300? पीने के पानी का TDS कितना होना चाहिए? जान लें अपनी सेहत के लिए सही पैमाना और RO का गलत इस्तेमाल 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा! CGHS को लेकर जारी हुआ नया OM, खत्म हुई 5 KM की पाबंदी रामानंद सागर की ‘रामायण’ का टाइटल ट्रैक: क्या आप जानते हैं ‘मंगल भवन अमंगल हारी’ चौपाई का गूढ़ अर्थ और रहस्य उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीमती सत्यवती मिश्र को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहा है ‘टेकबॉल’, टेबल टेनिस और फुटबॉल का यह अनोखा खेल उड़ा देगा होश

 

जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 20वें एशियाई खेलों का औपचारिक आगाज होने जा रहा है, और इस बार खेल प्रशंसकों की निगाहें केवल पारंपरिक प्रतिस्पर्धाओं पर ही नहीं, बल्कि उस नए रोमांच पर भी टिकी हैं जो ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के मुख्य मंच पर पहली बार कदम रखने जा रहा है। चीन के हांगझोऊ में 2023 के दौरान भारत ने 107 पदकों का ऐतिहासिक आंकड़ा छूकर नया कीर्तिमान बनाया था, जिसे इस बार भारतीय दल और आगे ले जाने के इरादे से मैदान में उतरेगा। मगर इस पूरे आयोजन के बीच सबसे ज्यादा चर्चा उस खेल की हो रही है जो फुटबॉल की दीवानगी और टेबल टेनिस की तेज तर्रार रफ्तार का एक नायाब संगम है—जिसे दुनिया ‘टेकबॉल’ के नाम से जानती है। आधुनिक दर्शक जो तेज गति, अद्भुत कलाबाजी और अप्रत्याशित मोड़ों वाले खेल पसंद करते हैं, उनके लिए टेकबॉल इस बार के एशियाई खेलों का सबसे बड़ा आकर्षण बनने जा रहा है।

टेकबॉल को अगर सरल शब्दों में समझें तो यह पारंपरिक टेबल टेनिस के आकार की एक विशेष मेज पर खेला जाने वाला फुटबॉल का आधुनिक अवतार है। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, लचीलापन, फर्स्ट-टच कंट्रोल और फ्रीस्टाइल फुटबॉल की कलात्मकता एक साथ देखने को मिलती है। यह खेल सिंगल्स और डबल्स दोनों प्रारूपों में खेला जाता है। सिंगल्स में दो खिलाड़ी और डबल्स में दो-दो खिलाड़ियों की जोड़ियां एक खास तौर पर तैयार की गई मुड़ी हुई यानी कर्व्ड टेबल के आमने-सामने खड़ी होती हैं। टेबल के ठीक बीच में एक सख्त नेट या उभरा हुआ विभाजक होता है, जिसके ऊपर से खिलाड़ियों को सामान्य आकार की फुटबॉल को हवा में उछालते हुए विरोधी के पाले में गिराना होता है। खेल की रफ्तार इतनी तेज होती है कि पलक झपकाने भर की देरी में अंक इधर से उधर हो जाता है, जिससे मैदान पर मौजूद दर्शकों के साथ-साथ स्क्रीन पर देखने वालों की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं।

टेकबॉल को दुनिया के बाकी सभी रैकेट या टेबल खेलों से अलग बनाती है इसकी सतह। यह सपाट नहीं होती, बल्कि दोनों छोरों की तरफ नीचे की ओर झुकी हुई घुमावदार डिजाइन में बनाई जाती है। जब एक मानक फुटबॉल इस ढलान वाली सतह पर गिरती है, तो उसका बाउंस अप्रत्याशित कोणों पर निकलता है। खिलाड़ी कभी भी पहले से यह तय नहीं कर सकता कि गेंद सीधी उछलेगी या तेजी से कटकर बाहर की तरफ भागेगी। इसी कारण इस खेल में खिलाड़ियों की आंख और शरीर का तालमेल असाधारण स्तर का होना चाहिए। गेंद को रिसीव करने के लिए खिलाड़ियों को हवा में छलांग लगाते हुए बाइसिकल किक, बैक-वॉली, हेडर और चेस्ट ट्रैप जैसे कलात्मक मूव्स का सहारा लेना पड़ता है। टेबल की इस ज्यामिति की वजह से खिलाड़ी को सेकेंड के सौवें हिस्से में यह फैसला लेना होता है कि गेंद को किस कोण से हिट किया जाए ताकि विरोधी खिलाड़ी उसे उठाने में गलती कर बैठे।

टेकबॉल में तकनीकी शुद्धता की बहुत कड़ी शर्तें हैं। फुटबॉल की मूल भावना का सम्मान करते हुए इस खेल में हाथों और बांहों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी होती है। खिलाड़ी गेंद को रोकने और विरोधी के पाले में भेजने के लिए अपने पैरों, घुटनों, जांघों, छाती, कंधों और सिर का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक खिलाड़ी गेंद को टेबल के पार भेजने से पहले अपने शरीर पर अधिकतम तीन बार टच कर सकता है, लेकिन इसमें एक बेहद सख्त नियम यह भी है कि वह लगातार दो बार शरीर के एक ही अंग से गेंद को नहीं छू सकता। उदाहरण के लिए, यदि किसी खिलाड़ी ने गेंद को छाती से रोका है, तो अगला टच पैर या सिर से ही होना चाहिए। गेंद अगर जमीन को छू जाए, नेट में अटक जाए, टेबल की सतह से बाहर निकल जाए, या खिलाड़ी अनजाने में भी अपने हाथ से गेंद को छू ले, तो विरोधी टीम को तुरंत एक अंक दे दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, खेल में संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर दो प्वाइंट के बाद सर्विस का पाला बदल दिया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार टेकबॉल के आधिकारिक मैच ‘बेस्ट-ऑफ-थ्री’ सेट के आधार पर आयोजित होते हैं। प्रत्येक सेट 12 अंकों का होता है, और जो खिलाड़ी या जोड़ी पहले 12 अंक जुटा लेती है, वह उस सेट को अपने नाम कर लेती है। हालांकि, अगर दोनों पक्षों के बीच मुकाबला 11-11 की बराबरी पर पहुंच जाए, तो खेल तब तक जारी रहता है जब तक कि कोई एक पक्ष लगातार दो अंकों की स्पष्ट बढ़त न बना ले। यदि दोनों टीमें एक-एक सेट जीतकर बराबरी पर आ जाती हैं, तो मैच का फैसला तीसरे और निर्णायक सेट में होता है। नॉकआउट चरणों में यह प्रारूप अत्यधिक तनावपूर्ण हो जाता है क्योंकि एक छोटी सी तकनीकी चूक पूरे मैच की बाजी पलट सकती है। खिलाड़ियों को न केवल अपनी आक्रामक कलाबाजियों पर भरोसा करना होता है बल्कि अपनी रक्षात्मक रणनीति को भी चट्टान की तरह मजबूत रखना पड़ता है।

टेकबॉल का इतिहास बहुत पुराना नहीं है, लेकिन इसकी विकास यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है। इस खेल की शुरुआत वर्ष 2014 में हंगरी में हुई थी, जहां फुटबॉल के दीवाने कुछ पूर्व पेशेवर खिलाड़ियों और कंप्यूटर वैज्ञानिकों ने मिलकर एक ऐसा अभ्यास उपकरण बनाने की सोची जिससे फुटबॉलरों का बॉल कंट्रोल बेहतर हो सके। उन्होंने जब इस घुमावदार मेज पर गेंद से खेलना शुरू किया, तो उन्हें अहसास हुआ कि यह केवल एक ट्रेनिंग ड्रिल नहीं बल्कि अपने आप में एक स्वतंत्र और बेहद प्रतिस्पर्धी खेल बन सकता है। इसके बाद इंटरनेशनल टेकबॉल फेडरेशन यानी FITEQ का गठन हुआ, जिसने इसे वैश्विक पहचान दिलाई। पिछले एक दशक में यह खेल यूरोप की सीमाओं से बाहर निकलकर अमेरिका, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के दर्जनों देशों में तेजी से फैल चुका है। रोनाल्डिन्हो जैसे महान फुटबॉल दिग्गजों ने भी इसके प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई है। एशियाई महाद्वीप में अपनी लोकप्रियता के दम पर इसने एशियन बीच गेम्स, एशियन यूथ गेम्स और दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों में अपनी उपयोगिता सिद्ध की और अब 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों के मुख्य कार्यक्रम में आधिकारिक पदक स्पर्धा के तौर पर शामिल होकर एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R . 1

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!