September 19, 2026 8:52 pm

1350 करोड़ी ‘धुरंधर’ ऑस्कर 2027 की रेस से क्यों हुई बाहर, जूरी मेंबर विवेक वासवानी ने बताई असल वजह

भारतीय सिनेमा के इतिहास में बॉक्स ऑफिस के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाली निर्देशक आदित्य धर की स्पाई-एक्शन ड्रामा फिल्म ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रिलीज के बाद से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली और अपने पहले भाग में 1350 करोड़ रुपये से अधिक का विशाल ग्रॉस बिजनेस करने वाली इस मेगा-ब्लॉकबस्टर फिल्म को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में नहीं चुना गया। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी गई फिल्मों की दौड़ में इस व्यावसायिक दैत्य को पछाड़ते हुए एक संवेदनशील मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ को आगे कर दिया गया। इस फैसले ने सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह के प्रशंसकों और मुख्यधारा के सिनेमा प्रेमियों के बीच तीखी बहस छेड़ दी थी। अब इस पूरे मामले पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के आधिकारिक चयन बोर्ड के प्रमुख जूरी सदस्य विवेक वासवानी ने चयन प्रक्रिया के इनसाइड डिटेल्स, जूरी के आंतरिक मतभेदों और अंतिम फैसले के पीछे के दार्शनिक आधार को पूरी तरह सार्वजनिक कर दिया है।

फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया के निर्णायक मंडल के अहम सदस्य और अनुभवी फिल्म अभिनेता-निर्माता विवेक वासवानी ने एनडीटीवी इंडिया के साथ एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि चयन समिति के सामने किसी फिल्म की भारी-भरकम कमाई या उसका भव्य बजट प्राथमिक पैमाना नहीं होता। वासवानी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि जूरी के कुछ व्यक्तिगत सदस्यों को फिल्म का तकनीकी पक्ष, उच्च स्तरीय एक्शन कोरियोग्राफी और सिनेमैटोग्राफी बेहद पसंद आई थी, लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी कृति के तौर पर समिति के अधिकांश सदस्य इसे ऑस्कर के मंच के लिए अनुकूल नहीं मान रहे थे। उन्होंने कहा कि समिति में लंबी परिचर्चा के बाद यह साफ हो गया कि धुरंधर जैसी भारी-भरकम और एक्शन-ओरिएंटेड फिल्म ऑस्कर की ‘इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ श्रेणी के कलात्मक और विमर्शपरक मानकों पर खरी नहीं उतरती।

विवेक वासवानी ने चयन समिति की आंतरिक वोटिंग के आंकड़ों को साझा करते हुए खुलासा किया कि 14 सदस्यीय प्रतिष्ठित जूरी पैनल में से केवल चार सदस्यों ने ‘धुरंधर’ के पक्ष में मतदान किया था। शेष 10 सदस्यों का स्पष्ट मानना था कि पश्चिमी एकेडमी के समक्ष भारत की ओर से भेजी जाने वाली फिल्म में देश की मिट्टी, जमीनी संघर्ष और मौलिक सांस्कृतिक चेतना की गहरी छाप होनी चाहिए, न कि पश्चिमी एक्शन फिल्मों की तर्ज पर गढ़े गए फॉर्मूले। वासवानी के अनुसार, जूरी को एक ऐसी सिनेमाई कृति की तलाश थी जो ऑस्कर 2027 में भारत के वास्तविक सामाजिक ताने-बाने, परंपराओं और आंतरिक मानवीय संवेदनाओं का प्रतिनिधित्व कर सके। चूंकि धुरंधर इस सांस्कृतिक कसौटी और गहरे भावनात्मक विमर्श की अपेक्षाओं पर जूरी के बहुमत को संतुष्ट नहीं कर पाई, इसलिए भारी व्यावसायिक सफलता के बावजूद इसे खारिज कर दिया गया।

एकेडमी अवॉर्ड्स 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुनने का यह सफर बेहद जटिल और प्रतिस्पर्धी था। इस बार चयन समिति के सामने देश भर की विभिन्न भाषाओं से कुल 33 उत्कृष्ट फिल्में भेजी गई थीं, जिनमें 14 हिंदी फिल्में, 4 मराठी, 4 गुजराती और 4 तमिल फिल्मों के अलावा मलयालम, नेपाली और एक मूक (साइलेंट) फिल्म भी दावेदारी पेश कर रही थी। गहन स्क्रीनिंग और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद जूरी ने अंतिम तीन फिल्मों को शॉर्टलिस्ट किया, जिनमें मराठी थ्रिलर ‘गोंधळ’, कलात्मक फिल्म ‘अंग’ और प्रसिद्ध निर्देशक इम्तियाज अली की चर्चित कृति ‘मैं वापस आऊंगा’ शामिल थीं। इन शीर्ष तीन दावेदारों के बीच घंटों चली बौद्धिक बहस के बाद जूरी ने सर्वसम्मति से मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ पर अपनी अंतिम मुहर लगाई, क्योंकि यह फिल्म अपनी अनूठी स्थानीय कथावस्तु, गहन सांस्कृतिक संदर्भों और उत्कृष्ट निर्देशन के जरिए अंतरराष्ट्रीय जूरी को सीधे भारत के आंतरिक यथार्थ से रूबरू कराने में सबसे सक्षम नजर आई।

भले ही ‘धुरंधर’ ऑस्कर के कड़े और विशिष्ट मानकों की वजह से आधिकारिक एंट्री पाने से चूक गई हो, लेकिन बॉक्स ऑफिस के इतिहास में इस फिल्म का कद किसी चमत्कार से कम नहीं है। आदित्य धर के कुशल निर्देशन और रणवीर सिंह के करियर-बेस्ट परफॉर्मेंस से सजी इस स्पाई-फ्रैंचाइजी के पहले पार्ट ने जहां दुनिया भर में 1350 करोड़ रुपये का तगड़ा बिजनेस किया था, वहीं साल 2026 में रिलीज हुए इसके दूसरे पार्ट ने सिनेमाई जगत के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए वर्ल्डवाइड 1850 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का नया शिखर छू लिया। दोनों भागों को मिलाकर इस ऐतिहासिक फ्रैंचाइजी ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर कुल 3000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर भारतीय फिल्म उद्योग के प्रभाव को पूरी दुनिया में स्थापित किया है। हालांकि मुनाफे के प्रतिशत के मामले में यह साल की स्लीपर हिट ‘हनुमान अंश’ से पीछे रह गई, लेकिन कुल सकल राजस्व और भव्यता के मामले में ‘धुरंधर’ 2025-2026 के भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और अविस्मरणीय मील का पत्थर बनी हुई है।

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