
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और लंबी दूरी के सफर के दौरान चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता (Range Anxiety) के बीच हाइब्रिड गाड़ियों की मांग में जबर्दस्त तेजी देखने को मिल रही है। मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर जैसी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारों की सफलता के बाद अब आगामी फेस्टिव सीजन (दिवाली) तक ऑटो सेक्टर में दो बिल्कुल नई और ताकतवर हाइब्रिड एसयूवी भारतीय सड़कों पर दस्तक देने के लिए तैयार हैं। इन दोनों गाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत इनकी 1,000 किलोमीटर से भी अधिक की ड्राइविंग रेंज और दमदार परफॉर्मेंस होगी, जो सिंगल टैंक और फुल चार्ज पर बिना रुके लंबी दूरी तय करने की क्षमता रखती हैं।
भारतीय बाजार में जेएसडब्ल्यू मोटर्स (JSW Motors) और चेरी ऑटोमोबाइल (Chery) की साझेदारी में पहली प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) एसयूवी Jetour T2 के रूप में पेश की जाने वाली है। यह गाड़ी उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो ऑफ-रोडिंग लुक के साथ बेहतरीन फ्यूल एफिशिएंसी चाहते हैं।
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पावरट्रेन और इंजन: इसमें 1.5-लीटर डायरेक्ट-इंजेक्शन टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ दो शक्तिशाली इलेक्ट्रिक मोटर्स और 26.7kWh की लिथियम-आयन बैटरी दी जा सकती है। यह सेटअप 381 बीएचपी की मैक्सिमम पावर और 610 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है।
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गियरबॉक्स: स्मूथ ड्राइविंग और परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3-स्पीड डेडिकेटेड हाइब्रिड ट्रांसमिशन (DHT) मिलता है।
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रेंज की खासियत: यह प्लग-इन हाइब्रिड होने के कारण केवल इलेक्ट्रिक मोड (EV-only Mode) पर लगभग 130 किलोमीटर तक दौड़ सकती है। वहीं, पेट्रोल इंजन और बैटरी के संयुक्त हाइब्रिड मोड पर इसका कुल ड्राइविंग रेंज 1,000 से 1,200 किलोमीटर के पार पहुंच जाता है।
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प्रीमियम फीचर्स: इस रफ-एंड-टफ एसयूवी के केबिन में 15.6 इंच का फ्लोटिंग टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, प्रीमियम सोनी साउंड सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ, 540-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा, वेंटिलेटेड सीट्स और लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे हाई-टेक सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे।
भारतीय ग्राहकों के दिलों पर राज कर चुकी मशहूर डस्टर एक बार फिर नए अवतार में वापसी करने जा रही है। रेनो इंडिया आगामी त्योहारी सीजन में अपनी बहुप्रतीक्षित न्यू जनरेशन रेनो डस्टर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वर्जन बाजार में उतारने की तैयारी में है।
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इंजन और हाइब्रिड तकनीक: नई डस्टर में 1.8-लीटर 4-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ दो इलेक्ट्रिक मोटर्स और 1.4kWh का बैटरी पैक दिया जाएगा। यह हाइब्रिड पावरट्रेन लगभग 160 बीएचपी की पावर और 172 एनएम का टॉर्क पैदा करेगा।
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ट्रांसमिशन: इसमें मल्टी-मोड ऑटोमैटिक क्लचलेस डॉग-बॉक्स ट्रांसमिशन मिलने की उम्मीद है, जो शहर के ट्रैफिक और हाईवे पर ऑटोमैटिकली इंजन व बैटरी के बीच पावर शिफ्ट करता है।
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रेंज और माइलेज: कंपनी के अनुसार, यह स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम शहरी ट्रैफिक में लगभग 80 प्रतिशत समय केवल इलेक्ट्रिक पावर पर काम कर सकता है। 50 लीटर के फ्यूल टैंक और उच्च हाइब्रिड माइलेज (लगभग 22 से 25 किमी प्रति लीटर) के कॉम्बिनेशन से यह एसयूवी एक बार फुल टैंक कराने पर आसानी से 1,000 किलोमीटर के करीब सफर तय कर सकेगी।
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आधुनिक इंटीरियर: नई डस्टर को आधुनिक सीएमएफ-बी प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है, जिसमें 10.1 इंच का टचस्क्रीन सिस्टम, 7 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, वायरलेस कनेक्टिविटी, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और ईएसपी सहित कई उन्नत सुरक्षा फीचर्स देखने को मिलेंगे।
भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के विस्तार के बीच हाइब्रिड तकनीक एक बेहतरीन और व्यावहारिक विकल्प साबित हो रही है। जहां शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों में हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन खोजने का तनाव और लंबा चार्जिंग समय लगता है, वहीं हाइब्रिड कारों में किसी एक्सटर्नल चार्जर पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती।
रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और पेट्रोल इंजन खुद ही बैटरी को चार्ज करते रहते हैं। 1000 किमी से अधिक की रेंज होने का मतलब है कि अगर आप दिल्ली से लखनऊ या मुंबई से गोवा जा रहे हैं, तो रास्ते में बिना किसी पेट्रोल पंप या चार्जिंग स्टेशन पर रुके सिंगल टैंक में अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं। त्योहारी सीजन में इन दोनों एसयूवी की एंट्री से मिड-साइज और प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी दिलचस्प होने वाली है।









