
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बीच पूर्वी, मध्य और दक्षिणी भारत के राज्यों में मौसमी तंत्र एक बार फिर अत्यधिक सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ रहे निम्न दबाव के प्रभाव से रविवार, 20 सितंबर को देश के 7 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है। सप्ताह के अंतिम दिन सफर करने या बाहर निकलने की योजना बना रहे लोगों के लिए मौसम का हाल जानना बेहद जरूरी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा और झारखंड के ऊपर बने मौसमी परिसंचरण के कारण पूर्वी भारत में बारिश का जोर सबसे ज्यादा रहेगा।
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पश्चिम बंगाल: गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। कोलकाता, हावड़ा, दक्षिण 24 परगना और मेदिनीपुर के तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
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झारखंड: रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और संताल परगना क्षेत्र में रविवार को गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
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ओडिशा: ओडिशा के कई जिलों (बालासोर, भद्रक, मयूरभंज, पुरी और भुवनेश्वर) में भारी से बहुत भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ (Thundersquall) का अलर्ट दिया गया है। समुद्र अशांत रहने के कारण मछुआरों को गहरे समंदर में न जाने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग के विशेष बुलेटिन के अनुसार, 20 सितंबर को देश के इन सात राज्यों में बारिश की गतिविधियां सबसे उग्र रह सकती हैं:
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ओडिशा: भारी से बहुत भारी वर्षा और तूफानी हवाओं का अलर्ट।
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पश्चिम बंगाल: कई जिलों में मूसलाधार बारिश और गरज-चमक।
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झारखंड: आकाशीय बिजली गिरने और गरज के साथ बारिश की चेतावनी।
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छत्तीसगढ़: बिलासपुर, रायपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग में भारी बारिश और तेज हवाएं।
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तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: तटीय और रायलसीमा क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा और 50 किमी प्रति घंटे की हवाएं।
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कर्नाटक (तटीय व आंतरिक): दक्षिण व उत्तर आंतरिक कर्नाटक समेत तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना।
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महाराष्ट्र (मध्य महाराष्ट्र व कोंकण-गोवा): मुंबई, पुणे, सतारा और कोंकण बेल्ट में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर और उत्तर-मध्य भारत के मैदानी इलाकों में मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ने लगी हैं:
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दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहेगा और आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और उमस भरी गर्मी बने रहने का अनुमान है।
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उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी यूपी में किसी व्यापक भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और तराई जिलों में स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही और हल्की छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।
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बिहार: पटना, गया और भागलपुर समेत अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस का प्रभाव रहेगा, हालांकि सीमांचल और झारखंड से सटे दक्षिणी हिस्सों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छिंदवाड़ा और ग्वालियर) में स्थानीय मौसमी तंत्र के चलते गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मानसून कमजोर पड़ रहा है। निचले इलाकों में मौसम साफ रहेगा, जबकि ऊंचाई वाले कुछ सीमित इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के निवासियों को आकाशीय बिजली (वज्रपात) के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। जब भी बादल गरजें या तेज आंधी चले, उस समय खेतों में काम करने वाले किसान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के खंभों के नीचे शरण न लें। बारिश और आंधी के दौरान पक्के मकानों में रहें और जलभराव वाले निचले क्षेत्रों व पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।









