September 30, 2026 11:04 am

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नेपाल की बारिश से बिहार में आएगी तबाही! गंडक बैराज से छोड़ा गया रिकॉर्ड 5.43 लाख क्यूसेक पानी, कई जिलों में स्थिति गंभीर

नेपाल में हो रही भारी बारिश का अब बिहार पर असर दिखने लगा है. गंडक, कोसी और नारायणी समेत प्रदेश की कई नदियां उफान पर हैं. गंडक के रौद्र रूप धारण करने से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर हो गई है. वाल्मिकीनगर गंडक बराज पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है. 28 सितंबर की सुबह गंडक बैराज से 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. यह भारी पानी अब पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में तबाही मचा रहा है. सोमवार रात करीब 2 बजे बेतिया के बैरिया प्रखंड क्षेत्र की फुलियाखाड़ पंचायत में तटबंध टूट गया. बांध टूटने से नौतन और बैरिया प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक गांव डूब गए हैं.

जल संसाधन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गंडक बराज से रिकॉर्ड पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद भी दबाव कम नहीं हो रहा है. 13 घंटे तक पानी का बहाव 5 लाख क्यूसेक से ज्यादा और 32 घंटे तक 4 लाख क्यूसेक से अधिक बना रहा. विभाग ने बताया कि 26 और 27 सितंबर के बीच बिहार स्थित गंडक नदी के सीमावर्ती जिलों जैसे- पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण एवं गोपालगंज में भी काफी अधिक बारिश हुई है, जिसके कारण गंडक बराज के निम्नप्रवाह में नदी का जलस्तर पहले से काफी बढ़ा हुआ है. बारिश के कारण बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे उच्चतम रिकॉर्ड है.

पानी का बहाव अधिक होने का कारण दो जगहों (बगहा के खैरतवा गांव और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव) पर तटबंध टूट गए हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी तटबंध का एक हिस्सा टूट गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है. जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय से कार्यपालक अभियंताओं की अगुवाई में 4 विशेष टीमों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज भेजा गया है.

हालांकि, मंगलवार की सुबह राहत लेकर आई है. आज गंडक बराज और नेपाल के देवघाट क्षेत्र में जलस्तर और डिस्चार्ज में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों के निवासियों और प्रशासन को राहत मिली है. जल संसाधनों के आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह गंडक बराज से होने वाले डिस्चार्ज में कमी आई है. 29 सितंबर की सुबह 5:00 बजे और 6:00 बजे बराज से अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 2,12,200 क्यूसेक दर्ज किया गया था, जबकि बराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 357.00 फीट और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 354.80 फीट स्थिर बना हुआ था.

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