
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें ईरान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वे ईरान पर भरोसा करने वाले आखिरी व्यक्ति हैं। उन्होंने फिर दोहराया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब अमेरिका के नियंत्रण में है। इसके साथ ही ने खुद कंफर्म कर दिया कि तुर्किए से ब्रिटेन जाते समय गुपचुप तरीके से उनका विमान बदला गया था, इसके पीछे क्या वजह थी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वो भी बताया है।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे ईरान पर भरोसा नहीं है। मैं ईरान पर भरोसा करने वाला आखिरी इंसान हूं। उन्होंने मुझसे लगातार झूठ बोला है।” उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण का दावा करते हुए कहा, “अभी होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा कंट्रोल है। उनका कंट्रोल नहीं है। हमारा पूरा कंट्रोल है। यह हमारे अधिकार में है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि अगर ईरान किसी समय कुछ ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि किसी समय वे कुछ ऐसा करें जिसके बाद उन्हें खत्म कर दिया जाए। अभी हम बहुत अच्छी स्थिति में हैं।”
गुपचुप तरीके से बदला गया था ट्रंप का विमान
इसी दौरान ट्रंप ने पिछले महीने तुर्किए से ब्रिटेन जाते समय गुपचुप तरीके से विमान बदलने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर था। उनके कहने पर ही मुझे दूसरे विमान से जाना पड़ा था। ‘मैं बस वही करता हूं जो वे करना चाहते हैं’।
मैं बस वही करता हूं जो सीक्रेट सर्विस कहते हैं-ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे बताया, “यह पूरी तरह से सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करता है। मैं बस वही करता हूं जो वे करना चाहते हैं। मैं सीक्रेट सर्विस और सेना की बात मानता हूं। वे चाहते थे कि मैं किसी दूसरी फ्लाइट या दूसरे प्लेन से जाऊं – सुरक्षा उतनी ही रहती – लेकिन वे चाहते थे कि मैं ऐसा करूं, इसलिए मैंने किया। मैं वही करता हूं जो वे कहते हैं। मुझे लगता है कि कोई खतरा था। मुझे बहुत सारे खतरे की धमकियां मिलती रहती हैं।”
मिलिट्री प्लेन में ट्रंप को किया गया था शिफ्ट
अमेरिका मीडिया के अनुसार, ट्रंप तुर्किए के अंकारा में टीवी कैमरों के सामने एयरफोर्स वन में सवार हुए थे, मगर कुछ ही देर बाद वो एक केटरिंग ट्रक के जरिए एक छोटे मिलिट्री प्लेन C-32A में शिफ्ट हो गए थे। इसके लिए एयरपोर्ट के कैटरिंग ट्रक का इस्तेमाल किया गया। आमतौर पर इस ट्रक का उपयोग विमान में भोजन और सामान लोड करने के लिए किया जाता है। खास बात यह है कि पुराने एयरफोर्स वन में मौजूद पत्रकारों को भी यह नहीं बताया गया था कि ट्रंप उनके साथ नहीं उड़ रहे हैं, यह एक तरह की डिकॉय फ्लाइट थी और सीक्रेट सर्विस ने पत्रकारों से विमान की खिड़कियां बंद रखने को कहा था।









