August 7, 2026 9:02 pm

JPSC-JSSC Protest: विरोध प्रदर्शन के बीच CM हेमंत सोरेन छात्रों से बातचीत के लिए तैयार, सरकार के कहने पर वार्ता के लिए बनाई डेलिगेशन की नई टीम

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का गुस्सा और विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जुटे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार को जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) के उम्मीदवारों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों से बातचीत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं को गहराई से समझने और परीक्षा प्रणाली में मजबूत और असरदार सुधार लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा बयान ‘संवाद से निकलेगा समाधान’

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का एक स्पष्ट माध्यम तय कर दिया गया है। सरकार हर परीक्षार्थी की परेशानियों और चिंताओं को समझ रही है। उन्होंने कहा, ‘हमारा मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों की मांगों और आकांक्षाओं को केवल स्टेडियम के मैदान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें प्रशासनिक स्तर पर लागू किया जाए।’ उन्होंने आश्वासन दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और प्रणालीगत खामियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

परीक्षा परिणाम और धांधली पर उठे गंभीर सवाल

एक तरफ जहां मुख्यमंत्री बातचीत का आश्वासन दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा के नतीजों पर सवाल खड़े किए हैं।

जयराम महतो का आरोप है कि जेपीएससी प्री परीक्षा के एक संदिग्ध मामले से जुड़ा व्यक्ति जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल करने में सफल रहा। इतना ही नहीं, उसके परिवार के कई अन्य सदस्यों ने भी यह परीक्षा पास की है। विधायक ने मांग की है कि संबंधित परीक्षार्थियों के इतिहास और परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसीकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल का गठन

‘जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच’ के अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के साथ टेबल टॉक (वार्ता) करने के लिए एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का चयन किया है। इस दल में 8 छात्र प्रतिनिधि पीयूष कुमार सिंह (प्रवक्ता), रवींद्र पासवान (प्रवक्ता), राजेश प्रसाद, अंकित कुमार, कार्तिक सोरेन और आनंद कुमार, नीतू कुजूर और शालू सिंह शामिल हैं।

1 वकील कानूनी पहलुओं को स्पष्ट रखने के लिए और 2 तकनीकी विशेषज्ञ परीक्षा प्रणाली और डिजिटल पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों की जांच के लिए। वहीं छात्र संगठनों का कहना है कि यह सूची थोड़ी देर में ये लिस्ट आधिकारिक तौर पर प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से डिक्लेयर की जाएगी।

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