Mauganj: भीषण गर्मी में बिजली संकट से त्रस्त मऊगंज, घंटों कटौती से जनता बेहाल
मऊगंज। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमराई नजर आ रही है। मई महीने में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, लेकिन ऐसे हालात में भी मऊगंज जिले की जनता को दिन-रात बिना बिजली के गुजारा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि कई इलाकों में 4-4 घंटे से लेकर उससे भी ज्यादा समय तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी से राहत पाने के लिए जहां लोग पंखे, कूलर और एसी पर निर्भर हैं, वहीं लगातार बिजली गुल रहने से घरों में रहना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है। रात में बिजली कटने से लोगों की नींद हराम हो चुकी है और दिन में पानी सप्लाई बाधित होने से दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर हर साल करोड़ों रुपए विद्युत मेंटेनेंस के नाम पर खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में सुधार कहीं नजर क्यों नहीं आता? बारिश की कुछ बूंदें गिरते ही फॉल्ट, तेज हवा चलने पर लाइन बंद और सामान्य दिनों में भी घंटों कटौती—ऐसे में करोड़ों के मेंटेनेंस खर्च पर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
आरोप लग रहे हैं कि विभागीय लापरवाही और कमजोर प्रबंधन के कारण पूरे जिले की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत करने पर या तो फोन रिसीव नहीं होते, और अगर हो भी जाएं तो सिर्फ “काम चल रहा है” कहकर इतिश्री कर ली जाती है।
जिले के लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि बिजली संकट पर न तो जनप्रतिनिधियों की कोई ठोस प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और न ही विपक्ष इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है। जनता गर्मी, बिजली और पानी की समस्या से जूझ रही है, लेकिन जिम्मेदार लोग मौन साधे बैठे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिल सकता है। जिलेवासियों ने मांग की है कि बिजली कटौती पर तत्काल नियंत्रण किया जाए, फॉल्ट सुधार व्यवस्था मजबूत हो और मेंटेनेंस के नाम पर खर्च हुई राशि का सार्वजनिक हिसाब भी सामने लाया जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि भीषण गर्मी में जनता की परेशानी को प्रशासन और बिजली विभाग कितनी गंभीरता से लेते हैं, या फिर मऊगंज के लोग इसी तरह अंधेरे और गर्मी के बीच परेशान होते रहेंगे।






