October 25, 2026 1:49 am

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Mauganj: डिजिटल ठगी का शिकार बनी शिक्षिका, धमकियों से तंग आकर किया आत्महत्या


बदमाशों की ब्लैकमेलिंग ने ली एक और जान, 22 हजार देने के बाद भी नहीं थमा आतंक

Mauganj (घुरेहटा): डिजिटल युग में तकनीकी का दुरुपयोग लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। मऊगंज जिले के घुरेहटा गांव की रहने वाली शिक्षिका रेशमा पांडे, जो हाई स्कूल पन्नी में कार्यरत थीं, डिजिटल ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुईं। अज्ञात बदमाशों की लगातार धमकियों और पैसों की मांग से परेशान होकर शिक्षिका ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

घटना का पूरा विवरण:

रेशमा पांडे, पत्नी विनायक पांडे, को एक दिन पूर्व अज्ञात बदमाशों ने वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया। बदमाशों ने उन्हें किसी आपत्तिजनक मामले में फंसाने की धमकी दी और 50,000 रुपये की मांग की। बदमाशों के दबाव में आकर रेशमा ने 22,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन धमकियां थमने का नाम नहीं ले रही थीं।

इस मानसिक तनाव से घबराई रेशमा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद उनकी मौत हो गई।

मौत के बाद भी नहीं रुके बदमाश:

शिक्षिका की मृत्यु के बाद भी बदमाशों का आतंक जारी रहा। वे लगातार फोन कर परिजनों से पैसों की मांग करते रहे। इस घटना से रेशमा के परिवार में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।

पुलिस की कार्रवाई:

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के जरिए आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

डिजिटल ठगी का बढ़ता खतरा:

यह घटना समाज में बढ़ती डिजिटल ठगी और साइबर अपराध की ओर इशारा करती है। ठग मासूम लोगों को डराने-धमकाने के लिए तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं।

समाज और प्रशासन के लिए सबक:

  1. जागरूकता अभियान:
    डिजिटल ठगी से बचने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना जरूरी है।
  2. सख्त साइबर कानून:
    साइबर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और सख्त कानून लागू किए जाने चाहिए।
  3. मानसिक सहायता:
    ब्लैकमेलिंग के शिकार लोगों को काउंसलिंग और कानूनी सहायता दी जानी चाहिए।

परिवार में शोक की लहर:

शिक्षिका रेशमा पांडे के परिवार में इस घटना के बाद से मातम छाया हुआ है। उनके पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति की चेतावनी है, जो डिजिटल अपराधियों का शिकार हो सकता है। पुलिस और प्रशासन से अपेक्षा है कि जल्द ही दोषियों को पकड़कर सख्त सजा दी जाएगी।

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रायपुर, 24 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सेवा सेतु जैसी डिजिटल पहल का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं से जोड़ना और जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाना है। सेवा सेतु से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले के तखतपुर निवासी मानसी चंद्राकर का सेवा सेतु के माध्यम से जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र बना। इन प्रमाण पत्रों की आवश्यकता विद्यार्थियों की पढ़ाई, विभिन्न शासकीय योजनाओं और अन्य जरूरी कार्यों में पड़ती है। ऐसे में सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन एवं प्रमाण पत्र संबंधी सुविधा मिलने से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने में मदद मिल रही है। मानसी ने सेवा सेतु के संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी और कारगर हैं।

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