
नाग पंचमी 2026 पर सूर्य और केतु की युति का एक अत्यंत प्रभावकारी और दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, पिता, सम्मान और नेतृत्व का कारक माना गया है, जबकि केतु को एक छाया ग्रह माना जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो इसे ‘ग्रहण योग’ या सूर्य-केतु दोष कहा जाता है। अब ऐसे में किन राशियों को सावधानी बरतनी की जरूरत है? आइए जानते हैं।
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