
राजधानी में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर नोटिस के दौर में पहुंच गई है। नगर निगम प्रशासन ने जोन-19 के कोलार क्षेत्र में 15 नई निर्माणाधीन निजी कॉलोनियों को चिन्हित कर कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं।
उन्हें 15 दिनों के भीतर वैध अनुमति संबंधी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है. कागजात नहीं मिलने पर प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी गयी है.
हालाँकि, पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड बताता है कि ऐसी कार्रवाइयों का अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है। 2023 में शहर में 576 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गईं। इनमें से दिसंबर 2016 से पहले विकसित 320 कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन आज तक एक भी कॉलोनी पूरी तरह से वैध नहीं हो पाई है। शेष 255 कॉलोनियों पर सिर्फ सतही कार्रवाई जारी है।
इन कॉलोनाइजरों को नगर निगम का नोटिस
मनीष शर्मा, (चित्रांश ग्रुप, ग्राम रतनपुर), खान, (राधापुरम, ग्राम बैरागढ़ चीचली), दुलीचंद यादव, (माइलस्टोन स्कूल के पास, ग्राम अकबरपुर), संजय राठौड़, (एंजेल होम्स कान्हा कुंज के पास, ग्राम अकबरपुर), घनश्याम पाटीदार (ग्राम बैरागढ़ चीचली), नितिन पालिया, (हेवंस पार्क, ग्राम बैरागढ़ चीचली), चंदप्रताप सिंह, (कुसुमा विहार, ग्राम बैरागढ़ चीचली), राघवेंद्र सिंह (ग्राम बैरागढ़ चीचली), दीपक शर्मा, (हिल्स व्यू सिटी, ग्राम बैरागढ़ चीचली), नितिन मारन (दुर्गा विहार कॉलोनी, नयापुरा कोलार रोड), दिनेश पाल (वेंकटेश्वर धाम, नयापुरा कोलार), रमेश मीना (ग्राम बैरागढ़ चीचली), गोविंद मीना (ग्राम बैरागढ़ चीचली), अशोक पवार (ग्राम बैरागढ़ चीचली) और अशोक मीना (साई रेजीडेंसी, ग्राम बैरागढ़ चीचली)
बाहरी दीवारें गिराकर औपचारिकता पूरी की
रिकॉर्ड बताते हैं कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अब तक 300 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद एक भी कॉलोनाइजर की गिरफ्तारी नहीं हुई है और किसी भी मामले में कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया है. कुछ जगहों पर औपचारिकता पूरी करने के लिए दीवारें गिरा दी गईं।
सिटी प्लानर अनिल साहनी के मुताबिक 1 जून को हुई 10 सदस्यीय कॉलोनी सेल की बैठक के बाद 15 नए नोटिस जारी किए गए हैं। सेल में जिला प्रशासन, नगर निगम, टीएंडसीपी, सहकारिता और भूमि संसाधन प्रबंधन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
जोन अधिकारी कार्रवाई की सूची तैयार कर रहे हैंसभी जोन अधिकारियों को अवैध कॉलोनियों की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार के निर्माण की सूचना मिलने पर या संदिग्ध पाए जाने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-नीरज आनंद लिखार, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग










