November 6, 2026 12:13 pm

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इंदौर के बैंक अधिकारी अमितेश पटेरिया को उम्रकैद की सजा

संतोष शितोले. इंदौर47 मिनट पहले

कोर्ट ने शिवानी के हत्यारे पति को सुनाई आजीवन कारावास की सजा - भास्कर इंग्लिश

कोर्ट ने शिवानी के हत्यारे पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है

इंदौर में 2019 के हाईप्रोफाइल शिवानी हत्याकांड में जिला कोर्ट ने आरोपी पति अमितेश उर्फ ​​शालू पटेरिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. बैंक अधिकारी अमितेश ने बहुत सोच-समझकर अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनाई थी.

उन्होंने इंदौर से 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर से 30 हजार रुपये में ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा खरीदा था. उसने इसे 11 दिनों तक घर में छिपाकर रखा। फिर मौका पाकर उसने तकिये से पत्नी का गला घोंट दिया.

इसके बाद उसने कोबरा को मार डाला और उसके दांत अपनी पत्नी के हाथ में घोंप दिए ताकि ऐसा लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. फोरेंसिक सबूत और डॉक्टर के बयान से पूरी कहानी सामने आ गई.

करीब साढ़े छह साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमितेश को हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई. कोबरा को मारने के लिए उन्हें तीन साल की कैद और 25,000 रुपये का जुर्माना और सबूत नष्ट करने के लिए दो साल की कैद हुई। पूरी रिपोर्ट पढ़ें

डॉक्टरों को बताया कि मौत सर्पदंश से हुई है

घटना 1 दिसंबर 2019 को इंदौर के संचार नगर में हुई थी. शिवानी पटेरिया (35) को उसके पति अमितेश और किराएदार निखिल एमवायएच लेकर आए थे। परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि मौत सर्पदंश से हुई है. लेकिन शिवानी के मायके वालों ने घटना को संदिग्ध बताया है. कनाड़िया टीआई मौके पर पहुंचे तो घर में मरा हुआ कोबरा मिला।

तब शिवानी के चाचा प्रभात दीक्षित ने आरोप लगाया था कि उनकी भतीजी की हत्या की गई है. वह घर में बिस्तर पर मृत पाई गईं। बिस्तर पर एक मरा हुआ सांप भी मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले अमितेश ने उन्हें तलाक देने की कोशिश की थी. वह दिल्ली की एक लड़की के संपर्क में था और शिवानी से तलाक लेना चाहता था।

आरोप है कि पति ने हत्या की योजना पहले से बना रखी थी। उसने एक बार उसका गला घोंट दिया था. फिर, दो दिन पहले, उसने उसे जहर देने की कोशिश की थी। घटना की सुबह, उन्होंने दावा किया कि पार्लर में सांप के काटने के कारण उसे अस्पताल ले जाया गया था।

जब उससे बोलने देने को कहा गया तो जवाब मिला कि वह बोल नहीं सकती. शाम 5 बजे उसकी मौत की सूचना मिली. घर पर ससुर ओमप्रकाश और साली ऋचा भी थे।

शिवानी के पिता ने कहा था- बेटी की हत्या की गई है

शिवानी के पिता आनंद दीक्षित ने कहा था कि उनके दामाद ने अपनी बहन के साथ मिलकर उनकी बेटी की हत्या की है। योजना के तहत घटना वाले दिन उसकी बहन दोनों बच्चों के साथ मॉल गयी थी.

शाम को जब बच्चे लौटे तो वह अस्पताल में थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत 10 से 12 घंटे पहले हो चुकी है। पिता ने बताया कि उनकी बेटी का शरीर काला पड़ने की बजाय पीला पड़ गया है. यह कहना मुश्किल है कि कौन सा जहर दिया गया, लेकिन मौत सांप के काटने से नहीं हुई।

उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी की शादी 9 साल पहले हुई थी। दामाद दिल्ली में एक अन्य महिला के साथ पति-पत्नी की तरह रहता था। सूचना मिलने पर वे दिल्ली पहुंचे, जहां वह महिला के साथ मिला। इसके बाद वे उसे वापस ले आये.

उन्होंने कहा कि वह दहेज के नाम पर उसे प्रताड़ित करते थे. उन्होंने एक-एक कर करीब 25 लाख रुपये दे दिए थे। उन्होंने मांग की कि जिस सांप के काटने से मौत होने का दावा किया जा रहा है, उसका पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराया जाए।

बयानों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को भी शक हुआ. पुलिस ने अमितेश पटेरिया को हिरासत में ले लिया और दो दिनों तक पूछताछ की. पहले तो वह गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में टूट गया। उन्होंने खुलासा किया कि शिवानी के साथ उनका अक्सर विवाद होता था। इसी के चलते उसने तकिए से उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी।

इससे पहले उन्होंने राजस्थान के अलवर से एक कोबरा खरीदा था. हत्या करने के बाद उसने इसे अपनी पत्नी के पास रख दिया, ताकि पुलिस को लगे कि मौत सांप के काटने से हुई है. जांच के बाद कनाड़िया पुलिस ने मामला दर्ज कर अमितेश, उसके पिता ओमप्रकाश पटेरिया और बहन ऋचा चतुर्वेदी को हत्या, सबूत मिटाने और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।

24 जून, 2026 को अदालत ने फैसला सुनाया कि अमितेश ने अपनी पत्नी की तकिए से गला दबाकर हत्या कर दी थी और इसे सर्पदंश से हुई प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी

मामले में सबसे बड़ा मोड़ पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से आया. मेडिकल बोर्ड ने स्पष्ट किया कि शिवानी की मौत सांप के जहर से नहीं, बल्कि तकिये या किसी वस्तु से मुंह दबाने से दम घुटने से हुई है. शरीर पर चोट के निशान, बिस्तर की हालत और घटनास्थल पर मिले भौतिक साक्ष्यों से भी हत्या की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान पुलिस को बिस्तर, तकिए के कवर, मृत कोबरा और अन्य सामग्रियों से महत्वपूर्ण फोरेंसिक साक्ष्य मिले। घटनास्थल पर बेडशीट अस्त-व्यस्त थी और तकिए के कवर पर लार जैसे दाग मिले, जिससे संदेह गहरा गया।

मोबाइल रिकॉर्डिंग और परिस्थितिजन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो गए

  • जांच के दौरान आरोपी अमितेश और उसकी बहन के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई।
  • अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि बातचीत से घटना को अंजाम देने और छुपाने की साजिश का संकेत मिलता है।
  • कोर्ट ने कॉल रिकॉर्ड, वॉयस सैंपल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान को अहम सबूत माना।
  • पड़ोसियों और अन्य गवाहों ने अदालत को बताया कि घटना के समय घर में केवल शिवानी और उसका पति ही मौजूद थे।
  • बाद में पति ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया और कोबरा के काटने की कहानी बताई।

कोबरा की हत्या से बढ़ी कानूनी परेशानियां!

इस मामले का एक अहम पहलू यह था कि हत्या की साजिश में संरक्षित जंगली जानवर कोबरा का इस्तेमाल किया गया था. जांच में पता चला कि हत्या के बाद सबूत मिटाने और मौत को सांप के काटने से दिखाने के लिए कोबरा का इस्तेमाल किया गया था। बाद में इसकी भी हत्या कर दी गई.

इस कारण से, आरोपी अमितेश पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 के साथ आईपीसी की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने माना कि संरक्षित जंगली जानवर की अवैध हत्या और आपराधिक साजिश में इसका उपयोग एक गंभीर अपराध है।

डॉ. उत्तम यादव (पशुचिकित्सा, कमला नेहरू वन्यजीव अभयारण्य) अपनी रिपोर्ट और बयान में कहा कि सांप एक जहरीली कोबरा प्रजाति का सांप था। इसका एक दाँत और एक विषैली ग्रंथि थी। इसका काटना घातक हो सकता है और व्यक्ति को लकवा मार सकता है।

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांप के काटने का कोई सबूत नहीं मिला और मौत गला घोंटने से दम घुटने से होना साबित हुई। भले ही कोबरा के काटने से मौत साबित नहीं हुई, लेकिन अमितेश द्वारा कोबरा को मारना साबित हो गया और उसे तीन साल की कठोर कारावास की सजा मिली।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जीवित और मृत व्यक्तियों को सांप के काटने के वैज्ञानिक प्रमाणों में काफी अंतर होता है। इस मामले में ऐसे सबूत नहीं मिले.

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