उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अल्मोड़ा की 24 वर्षीय निशा के परिवार का आरोप है कि इलाज के लिए उन्हें तीन दिनों तक रामनगर से हल्द्वानी और काशीपुर तक भटकना पड़ा। इस दौरान परिवार ने छह अस्पतालों का रुख किया।
बाद में निशा की काशीपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद उसके जुड़वा बच्चों में से एक बच्चा मृत पाया गया, जबकि दूसरे बच्चे ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया।
इस दर्दनाक घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Post Views: 10









