
मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार गुरुवार, 17 सितंबर को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और मध्य भारत तक मौसम का रुख बदला हुआ नजर आएगा। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठ रही नम हवाओं के साथ-साथ सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से अगले चौबीस घंटों के दौरान करीब बीस राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर चलने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में 50 से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चल सकती है, जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सितंबर के मध्य में हो रही इस मौसमी हलचल से जहां कई शहरों में उमस भरी चिपचिपी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के आपसी संपर्क के कारण वायुमंडलीय दबाव में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में 17 सितंबर को बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का मौसमी अपडेट जान लेना बेहद आवश्यक है।
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 17 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के इलाकों में दोपहर या शाम के समय अचानक मौसम पलट सकता है और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा में नमी का स्तर अधिक रहने के कारण दिन के समय हल्की उमस परेशान कर सकती है, लेकिन रुक-रुक कर होने वाली बौछारें तापमान में गिरावट लाकर शाम को मौसम सुहावना बना देंगी। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सलाह दी है कि वे तेज हवाओं के दौरान कमजोर ढांचों या जर्जर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, आगरा, बरेली, झांसी, प्रयागराज, गोरखपुर, गोंडा, आजमगढ़ और बहराइच जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।
राजधानी लखनऊ में दिन के समय धूप और बादलों की आंखमिचौली के बीच दोपहर बाद छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों में बादलों की आवाजाही अधिक रहेगी, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, किसानों को खुले में काम करते समय बिजली कड़कने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई है।
बिहार में मानसून की सक्रियता के चलते 17 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया समेत आसपास के इलाकों में सुबह के समय से ही बादलों का प्रभाव देखा जा सकता है, जहां दोपहर तक गरज के साथ मध्यम दर्जे की बारिश होने के आसार हैं।
पटना में अधिकतम तापमान करीब 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिहार के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और बारिश के दौरान खुले मैदानों में न रहने का परामर्श जारी किया है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम का रुख सबसे ज्यादा आक्रामक रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कुल्लू, चंबा, मंडी, सोलन, कांगड़ा, ऊना और किन्नौर में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। यहां हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मनाली में अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के आसार हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ जाएगी।
वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा और चमोली जिलों में भारी बारिश के साथ 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। देहरादून में तापमान 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों और पर्यटकों को संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
मैदानी और पश्चिमी भारत के राज्यों में भी मौसमी उथल-पुथल जारी रहेगी। राजस्थान के जयपुर, अजमेर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली और भरतपुर में आंधी के साथ बारिश की संभावना है, जहां 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से हवाएं चल सकती हैं। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, उज्जैन, नर्मदापुरम, धार, देवास, गुना और जबलपुर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट प्रभावी है। भोपाल में तापमान 23 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। उधर महाराष्ट्र के पालघर, ठाणे, नासिक, धुले और नंदुरबार में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि मुंबई में बादलों की गड़गड़ाहट के बीच अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हो सकता है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी मौसम का मिजाज उग्र बना हुआ है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, नादिया, मुर्शिदाबाद, बांकुरा और मालदा में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं और भारी बारिश की आशंका है। ओडिशा के पुरी, भुवनेश्वर, संबलपुर और मयूरभंज में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी के साथ तेज बारिश हो सकती है।
समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 24 घंटों के दौरान समुद्र तटों और विशेषकर पूर्वोत्तर अरब सागर व बंगाल की खाड़ी के गहरे पानी में न जाने की स्पष्ट हिदायत दी है। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर लगातार नजर रखें और आंधी-बारिश के दौरान बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमजोर छतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।









