June 20, 2026 11:28 pm

कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में बड़ा कदम: आंगनवाड़ी सेवाओं का हुआ जमीनी मूल्यांकन

रायपुर, 20 जून 2026

कुपोषण मुक्त बचपन की दिशा में बड़ा कदम: आंगनवाड़ी सेवाओं का हुआ जमीनी मूल्यांकन

प्रदेश में कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने और आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों के पोषण स्तर, केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा शासन की योजनाओं के जमीनी प्रभाव का व्यापक आकलन किया गया।

निरीक्षण में बच्चों के वजन एवं ऊंचाई मापन की प्रक्रिया का सत्यापन किया गया। साथ ही टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता, पोषण वाटिकाओं की स्थिति और केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया गया। संचालक ने सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने गंभीर कुपोषित (एसएएम) एवं पूर्व में कुपोषित रहे बच्चों की माताओं से सीधे संवाद कर अतिरिक्त टेक होम राशन (ए-टीएचआर) के प्रभाव की जानकारी प्राप्त की। माताओं ने बताया कि नियमित ए-टीएचआर सेवन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सतत मार्गदर्शन से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

निरीक्षण के दौरान सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग के समन्वय से पोषण वाटिकाओं को और सशक्त बनाने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ताजा एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री की उपलब्धता बढ़ाकर बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाना है।
भ्रमण के दौरान निरीक्षण दल ने मोहला स्थित सखी-वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण किया तथा महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं संरक्षण सेवाओं की समीक्षा की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

R No. 13843/ 75

Advertisement Carousel

Your Opinion

Will Donald Trump's re-election as US President be beneficial for India?
error: Content is protected !!