चेन्नई/नई दिल्ली3 मिनट पहले

दिल्ली रवाना होते वक्त चेन्नई एयरपोर्ट पर अन्नामलाई ने दोनों हाथ जोड़ लिए.
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उनकी बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की उम्मीद है. उनकी यात्रा उन बढ़ती अटकलों के बीच हो रही है कि वह एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन पर विचार कर रहे हैं।
जब उनसे सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न अफवाहों के बारे में पूछा गया, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी छोड़ने और एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने कहा, “कृपया इंतजार करें। हम दो दिनों में बैठेंगे और बात करेंगे।”
एयरपोर्ट पर आगमन के दौरान अन्नामलाई की गाड़ी पर बीजेपी का झंडा नहीं था.
जन्मदिन से पहले लगे समर्थन के पोस्टर
4 जून को अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले चेन्नई के कई इलाकों में उनके समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों पर लिखा है- “हमारे नेता, आएं और हमारा नेतृत्व करें।”
हालांकि, अन्नामलाई ने अभी तक बीजेपी छोड़ने या नई पार्टी बनाने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है.

चेन्नई में कई जगहों पर अन्नामलाई के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं.
अन्नामलाई और बीजेपी के बीच दरार, 4 प्वाइंट में समझें
- विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अन्नामलाई की जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष बनाया था.
- अन्नामलाई ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था.
- अन्नामलाई ने सीबीएसई की त्रिभाषा नीति को मौजूदा सत्र से लागू करने पर सवाल उठाए थे. उन्होंने शिक्षा मंत्रालय से इसे 2029-30 शैक्षणिक सत्र से लागू करने की मांग की थी.
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्नामलाई बीजेपी के एआईएडीएमके के साथ गठबंधन से सहमत नहीं थे. हालांकि, बाद में उन्होंने एनडीए के लिए प्रचार किया।
बीजेपी ने चर्चाओं को खारिज कर दिया
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, तमिलनाडु बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने अन्नामलाई के बीजेपी छोड़ने या नई पार्टी बनाने की चर्चाओं को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई को जल्द ही राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी जा सकती है.
तमिलनाडु में बीजेपी को सिर्फ 1 सीट मिली
बीजेपी सिर्फ 1 सीट जीत सकी, जबकि अभिनेता विजय की 2 साल पुरानी पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतीं. यह डीएमके (59) और एआईडीएमके (47) की संयुक्त सीटों से भी ज्यादा है.









