उत्तराखंड में 9 से 11 अगस्त के बीच मानसून एक बार फिर सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने विशेष प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस अवधि में राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि नौ अगस्त को चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य सभी जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। 10 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
11 अगस्त को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा और बिजली गिरने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेताया है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में गंभीर हालात बन सकते हैं। भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने से सड़कें, राजमार्ग और पुल बाधित या क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। नदियों व गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
सभी जिलों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता के चलते कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। इसके दृष्टिगत आपदा प्रबंधन विभाग जिलों को सतर्क रहने को कहा है।
सचिव सुमन ने सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के साथ ही सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौसम की इस अवधि में मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करने, आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखने तथा किसी भी आपदा की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों एवं राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों, पर्यटकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरे एवं बरसाती नालों के आसपास जाने से बचें तथा जलभराव वाले स्थानों और कमजोर पुलों को पार करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन एवं पत्थर गिरने की आशंका वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें और मौसम खराब होने पर यात्रा को यथासंभव स्थगित करें।









