
स्थानीय ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की
मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक आदिवासी युवक के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया, जातिवादी अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई और प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट साझा करने के बाद माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। सोमवार को हुई इस घटना का एक वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें युवक हाथ जोड़कर माफी मांग रहा है।
वीडियो में युवाओं के एक समूह को पोस्ट को लेकर उनसे भिड़ते देखा जा सकता है। उनमें से एक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो कोई भी प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलता है, अगर उन्हें यहां रहने में शर्म महसूस होती है तो उन्हें भारत छोड़ देना चाहिए। उन्होंने पीड़ित को माफी मांगने के लिए मजबूर करते हुए यह भी चेतावनी दी कि अगर “हमारे जैसे कार्यकर्ता” ऐसे लोगों तक पहुंचेंगे, तो “उनकी पैंट गीली हो जाएगी”।
ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव
वीडियो सामने आने के बाद मंगलवार को कांग्रेस नेताओं समेत स्थानीय ग्रामीण नारायणगढ़ थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया. पुलिस ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।

युवक के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है
घर पहुंचे 5-6 लोगों ने की बदसलूकी
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसने सोशल मीडिया पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से संबंधित पोस्ट किया था. इसमें लिखा था, “मुझे ऐसे व्यक्ति को अपना प्रधान मंत्री कहने में शर्म आती है, जो एक महान वैज्ञानिक के जीवन और लाखों बच्चों के भविष्य से अधिक अपने अशिक्षित मंत्री की कुर्सी को महत्व देता है।”
युवक ने बताया कि इस पोस्ट से नाराज होकर सोमवार रात करीब 11 बजे कन्हैयालाल धनगर अपने 5-6 साथियों के साथ उसके घर पहुंच गया। इन सभी ने उसके साथ दुव्र्यवहार किया। उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और भविष्य में ऐसे पोस्ट न करने की चेतावनी दी।
पुलिस ने कहा- जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे
नारायणगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र पवार ने कहा- शिकायत मिलने के बाद कन्हैयालाल धनगेर और गोविंद पंवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक दोनों आरोपी बजरंग दल के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक थाने का घेराव किया









