
उज्जैन के सदावल रोड स्थित दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज के खिलाफ एक महिला ने दुष्कर्म, मारपीट, जान से मारने की धमकी और वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं।
महिला ने गृह मंत्री, डीजीपी, आईजी और एसपी को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, महामंडलेश्वर ने सभी आरोपों को निराधार बताया है और महिला पर हनीट्रैप और ब्लैकमेल की कोशिश का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर परिचय, गुरु पूर्णिमा पर आश्रम पहुंचा
महिला का आरोप है कि डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात महामंडलेश्वर ज्ञानदास से दत्त अखाड़ा आश्रम में हुई थी। इसके बाद फेसबुक के जरिए उनके बीच बातचीत शुरू हुई और संपर्क बढ़ता गया। महिला के मुताबिक, वह साल 2025 में गुरु पूर्णिमा पर अपने भाई के साथ दादू आश्रम पहुंची और कुछ दिन वहां रुकी।
महिला का कहना है कि इसी दौरान महामंडलेश्वर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया गया।

महामंडलेश्वर ने आरोपों को झूठा बताया
महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने महिला के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने और झूठे मामले में फंसाने की साजिश रची जा रही है.
उसने दावा किया कि महिला उसे एक साल से ब्लैकमेल कर रही थी और हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश कर रही थी। उनके मुताबिक ब्लैकमेलिंग से जुड़े ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेजी सबूत पुलिस को सौंप दिए गए हैं.
आवेदन, साक्ष्यों की जांच की जा रही है
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि महिला ने दुष्कर्म, ब्लैकमेल और धमकी की शिकायत की है, जबकि महामंडलेश्वर ने महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई है.

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों के आवेदन, उपलब्ध साक्ष्य और तकनीकी तथ्यों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कुछ दिन पहले ज्ञानदास के यहां भी पत्थरबाजी हुई थी
कुछ दिन पहले श्री पंचायती निर्मोही पानी अखाड़ा से जुड़े ज्ञानदास महाराज के आवास पर भी पथराव हुआ था, जिसमें उनकी कार के शीशे टूट गये थे.
इसके साथ ही शिप्रा नदी के प्रदूषण को लेकर ज्ञानदास महाराज कई बार अनशन और आंदोलन भी कर चुके हैं. महाराज के उज्जैन में दो अलग-अलग आश्रम हैं। पहला आश्रम सदावल रोड पर स्थित जादू आश्रम है, जबकि दूसरा आश्रम पिपली नाका पर स्थित है।









