
Parliament Monsoon Session: संसद का इस बार का मानसून सत्र लगातार हुए हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ गया। गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी के साथ इस साल के मानसून सत्र का समापन हो गया। हालांकि, खास बात यह रही कि विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने कई अहम बिल पास करा लिए।
दरअसल, गुरुवार को सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें सभी सभी छह पद बजाए गए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहे। राष्ट्रगीत के तुरंत बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
सरकार ने पास करा लिए कई अहम बिल
लोकसभा में विपक्ष के लगातार जारी हंगामे के बीच सरकार कई अहम बिल पास कराने में कामयाब रही। विपक्षी सदस्यों की ओर से चर्चा में हिस्सा नहीं लेने के बाद कुछ बिल को बिना किसी बहस के लोकसभा से पास करा लिया गया।
मानसून सत्र में लोकसभा से पारित होने वाले बिलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘केरलम’ करने वाले केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक शामिल रहे हैं।
इसके अलावा बुधवार को लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) भेजने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पास किया।
राज्यसभा में खान और खनिज विधेयक पारित
वहीं उच्च सदन राज्यसभा की बात करें तो, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित हो गया। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने विधेयक को सदन में पेश किया। लेकिन चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। ऐसे में बिल पारित होने के साथ ही मॉनसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया गया।
धड़ाधड़ 12 बिल हुए पास- रिजिजू
सत्र के समापन के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि इस बार के मॉनसून सत्र में कुल 12 बिल पास हुए, लेकिन भारी हंगामे के कारण केवल एक ही पर चर्चा हो सकी। उन्होंने कहा, ‘मॉनसून सत्र आज समाप्त हो गया है। हम दो तरीके से देखते हैं। काम काज की दृष्टी से बहुत अच्छा सत्र रहा। कुल 12 बिल हमने पारित किए हैं। चर्चा की दृष्टी से अच्छा नहीं हुआ है। लोकसभा में जितना समय आवंटित किया गया है उसमें सिर्फ 19% सफलता प्राप्त की है, राज्य सभा में 39%। राज्य सभा में अगर विपक्षी पार्टियां वॉकआउट भी करती थी तो बाकी कुछ विपक्ष की पार्टियों ने बहस में हिस्सा लिया। लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर चर्चा हो पाई है। इसके अलावा लोकसभा में कोई अच्छी चर्चा नहीं हुई, सिर्फ बिल पास हुए हैं। लोकसभा में बिना चर्चा के 11 बिल पास हुए हैं। हम चर्चा की दृष्टि से खुश नहीं हैं क्योंकि विपक्ष ने विशेषकर लोकसभा में ठीक से चर्चा नहीं करने दिया।’
पूरे सत्र में हंगामा काटता रहा विपक्ष
बता दें कि इस बार पूरे सत्र में नीट पेपर लीक और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन के मुद्दे पर हंगामा जारी रहा। इस दौरान विपक्ष ने नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया। साथ ही, सदन में केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी नहीं होने पर सवाल उठाए। उन्होंने छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सरकार का जवाब मांगा।
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