April 29, 2026 11:52 am

MP: वन नेशन, वन हेल्पलाइन’ पहल को मध्यप्रदेश में मिली मजबूती

MP: वन नेशन, वन हेल्पलाइन’ पहल को मध्यप्रदेश में मिली मजबूती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मजबूत हुआ प्रदेश का महिला-बाल सुरक्षा तंत्र
181 और 1098 से बढ़ी सुरक्षा और भरोसा

मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तकनीक आधारित सहायता तंत्र को मजबूत किया गया है।

महिलाओं और बेटियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तब संभव होती है जब महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिलें। राज्य सरकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और तकनीक आधारित सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिससे उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर मिल सकें। महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जागरूकता कार्यक्रम और त्वरित सहायता तंत्र इसी दिशा में किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासनिक तंत्र को अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और तकनीकी से सशक्त बनाने में कई पहल की गई हैं।

भारत सरकार की “वन नेशन, वन हेल्पलाइन” पहल के अनुरूप महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को आपातकालीन सेवा ERSS-112 (Emergency Response Support System) से एकीकृत करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना 31 अगस्त 2023 को की गई। इस एकीकृत प्रणाली के माध्यम से अब प्रदेश की कोई भी महिला, 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति सप्ताह के सातों दिन, 24 घंटे (24×7) 181, 1098 या 112 पर टोल-फ्री कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है। तकनीक आधारित यह व्यवस्था संकट की घड़ी में त्वरित मदद उपलब्ध कराने के साथ महिला और बाल सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशील प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

महिला हेल्पलाइन 181: संकट में महिलाओं का भरोसेमंद सहारा

हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता और सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला हेल्पलाइन 181 का संचालन किया जा रहा है। यह सेवा प्रदेश के सभी वन स्टॉप सेंटर से एकीकृत है, जिससे पीड़ित महिलाओं को एक ही मंच से पुलिस, अस्पताल, एम्बुलेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संरक्षण अधिकारी और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाती है तथा प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है। इस सेवा की प्रभावशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक लगभग 1.28 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सहायता प्रदान की जा चुकी है।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: बच्चों के संरक्षण की मजबूत कड़ी

बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को भी ERSS-112 से जोड़ा गया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल्स को कॉल रेस्पॉन्डर द्वारा उनकी प्रकृति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। आपातकालीन स्थिति में कॉल्स को तुरंत ERSS-112 तथा संबंधित जिले की जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) को भेजा जाता है, जबकि अन्य मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए सीधे जिला बाल संरक्षण इकाई को प्रेषित किया जाता है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से 26 हजार 974 बच्चों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिसमें संकटग्रस्त बच्चों को संरक्षण, परामर्श, पुनर्वास और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करना शामिल है।

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