August 18, 2026 2:46 pm

Ranchi: छात्र नेता देवेंद्र महतो ने 16 दिन बाद खत्म की अपनी भूख हड़ताल, हेमंत के मंत्रियों ने पिलाया जूस; सरकार के फैसले को बताया बड़ी जीत

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बीते 16 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल को समाप्त कर दी। झारखंड सरकार की JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद उन्होंने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर। रांची के सदर अस्पताल पहुंचकर हेमंत सरकार के मंत्रियों ने उन्हें जूस पिलाया। इस दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, सीएम हेमंत सोरेन, आंदोलन में शामिल छात्रों, मीडिया और अन्य समर्थकों का आभार जताया।

सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार शाम को JSSC-CGL परीक्षा के साथ-साथ टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। यह फैसले आते है पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, रांची के सदर अस्पताल में अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

मंत्री दीपिका पांडेय और इरफान अंसारी ने पिलाया जूस

देवेंद्र नाथ महतो का अनशन समाप्त कराने राज्य की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों ने अपने हाथों से महतो को जूस पिलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में आंदोलन कारी छात्र भी उनके साथ थे। बता दें कि आंदोलन के दौरान महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां भी उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखी थी।

सरकार के फैसले पर क्या बोले देवेंद्र नाथ महतो?

अनशन तोड़ने के बाद पत्रकारों से बातचीत में महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह व इरफान अंसारी, आंदोलन में शामिल छात्रों, मीडिया और सभी समर्थकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आज झारखंड के लिए बहुत बड़ी जीत है। फिलहाल मैं अपना आंदोलन स्थगित कर रहा हूं, लेकिन सुधार के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच बहुत बारीकी से की जा रही है और इसमें शामिल हर भ्रष्ट व्यक्ति को पकड़ा जा रहा है। वे इन गिरोहों के पीछे के असली सरगनाओं तक पहुंचने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।”

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ राज्य की चयन प्रक्रियाओं में सुधार करेगी। पूर्व में लागू SOP का सख्ती से पालन न होना इन गड़बड़ियों की मुख्य वजह रहा। अब इस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष समिति का गठन किया गया है। यदि परीक्षा प्रणाली के एक्ट में संशोधन की जरूरत पड़ी, तो इसके लिए विशेष विधानसभा सत्र भी बुलाया जाएगा।

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