September 19, 2026 1:11 pm

TRAI New Spam Call Rules: स्पैम कॉल्स और फर्जी मैसेज पर ट्राई का सबसे बड़ा प्रहार! अब सिर्फ 3 शिकायतों पर नपेगा नंबर, AI रखेगा 24 घंटे नजर; जानिए नए कड़े नियम!

देशभर में करोड़ों मोबाइल यूजर्स को दिन-रात परेशान करने वाले अनचाहे स्पैम कॉल्स (Spam Calls), फर्जी लोन-क्रेडिट कार्ड ऑफर्स और साइबर ठगी से जुड़े विज्ञापनों पर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ट्राई ने ‘टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रेफरेंस (तीसरा संशोधन) विनियम’ जारी करते हुए नियमों को अत्यधिक कड़ा कर दिया है।

अब तक दूरसंचार कंपनियों द्वारा कार्रवाई करने के लिए शिकायतों की संख्या का इंतजार किया जाता था, जिसका फायदा उठाकर टेलीमार्केटर्स और जालसाज धड़ल्ले से सिम कार्ड बदलते रहते थे। नए नियमों के तहत ट्राई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित निगरानी प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है और शिकायत दर्ज होने की सीमा को घटा दिया है।

ट्राई ने शिकायत आधारित कार्रवाई के पुराने ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है:

  • पुरानी व्यवस्था: पहले किसी संदिग्ध नंबर पर कार्रवाई शुरू करने के लिए 10 दिनों के भीतर कम से कम 5 अलग-अलग (यूनिक) उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज होना जरूरी था।

  • नया नियम: अब यदि किसी कॉलर लाइन आइडेंटिटी (CLI / मोबाइल नंबर) के खिलाफ 10 दिनों के भीतर 3 या उससे अधिक यूनिक शिकायतें मिलती हैं और साथ ही टेलीकॉम कंपनी का AI/ML सिस्टम भी उस नंबर को स्पैम पैटर्न के रूप में फ्लैग करता है, तो ऑपरेटर को तुरंत दंडात्मक जांच और कार्रवाई शुरू करनी होगी।

  • ग्रेडेड एक्शन: यदि किसी सेंडर से जुड़े 5 या उससे अधिक नंबर 10 दिनों में फ्लैग होते हैं, तो उसके सभी नंबरों का तत्काल री-केवाईसी (Re-KYC), भौतिक सत्यापन (Physical Verification), आउटगोइंग कॉल्स पर रोक और बार-बार उल्लंघन करने पर कनेक्शन हमेशा के लिए काटने और ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान किया गया है।

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, ऑटो-डायलर्स और एआई-जनरेटेड आवाज के जरिए होने वाले रोबोकॉल्स (Robocalls) को लेकर ट्राई ने सख्त फ्रेमवर्क लागू किया है:

  • पूर्व घोषणा अनिवार्य: कोई भी बैंक, रियल एस्टेट कंपनी या एजेंसी जो एप्लीकेशन-टू-पर्सन (A2P) यानी ऑटोमेटेड कॉलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करेगी, उसे टेलीकॉम ऑपरेटर के पास उन सभी नंबरों की अग्रिम घोषणा (Declaration) करनी होगी। बिना घोषणा के किए गए ऐसे सभी कॉल्स सीधे अवैध स्पैम (UCC) माने जाएंगे।

  • टर्मिनेशन चार्ज: ट्राई ने ऐसे अनचाहे ऑटोमेटेड कॉल्स पर 5 पैसे प्रति मिनट तक का टर्मिनेशन चार्ज भी लागू किया है, ताकि कंपनियां अंधाधुंध कॉलिंग करने से बचें।

  • हेडर व टेम्पलेट का दुरुपयोग: यदि किसी पंजीकृत कंपनी के एसएमएस हेडर या टेम्पलेट के दुरुपयोग की जानकारी मिलती है, तो टेलीकॉम कंपनी को सूचना मिलने के 6 घंटे के भीतर उस हेडर को सस्पेंड करना होगा। दोषी टेलीमार्केटर को 1 साल के लिए सभी टेलीकॉम नेटवर्क्स पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

अक्सर लोग किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट या सर्विस प्लेटफॉर्म पर केवल किसी प्रोडक्ट की कीमत या जानकारी लेते हैं, और उसके बाद महीनों तक उनके फोन पर प्रमोशनल कॉल्स और मैसेज की बाढ़ आ जाती है। ट्राई ने इस पर रोक लगाते हुए नया ‘7-डे रूल’ बनाया है:

  • उपभोक्ता द्वारा किसी सामान या सेवा के बारे में लिखित या डिजिटल रूप से पूछताछ (Inquiry) करने की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक ही कंपनी उससे संपर्क कर सकती है।

  • 7 दिन बीत जाने के बाद बिना उपभोक्ता की नई सहमति के कोई भी मार्केटिंग या प्रमोशनल मैसेज भेजना सीधा नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

नए संशोधनों में आम मोबाइल उपभोक्ताओं के अधिकारों को काफी मजबूत किया गया है:

  • यदि किसी उपभोक्ता ने 1909 पर या ‘ट्राई डीएनडी ऐप’ (TRAI DND App) के माध्यम से स्पैम कॉल की शिकायत दर्ज कराई है और वह टेलीकॉम कंपनी के समाधान से संतुष्ट नहीं है या शिकायत खारिज कर दी जाती है, तो वह 15 दिनों के भीतर अपीलेट अथॉरिटी (Appellate Authority) के समक्ष अपील दायर कर सकता है।

  • यह अपील डीएनडी ऐप, ऑपरेटर के वेब पोर्टल या सीधे 1909 पर कॉल/एसएमएस करके दर्ज कराई जा सकेगी।

ट्राई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी थर्ड-पार्टी कॉलर आईडी ऐप (जैसे Truecaller आदि) सरकार द्वारा अधिकृत रेगुलेटेड सर्विस नंबर सीरीज जैसे 1600xx, 1601xx (बैंक और जरूरी ट्रांजैक्शनल कॉल्स) या 140xx (प्रमोशनल कॉल्स) को थोक के भाव (Blanket Block) स्पैम के रूप में ब्लॉक या टैग नहीं कर सकता। हालांकि, उपभोक्ता अपने निजी फोन में किसी भी नंबर को व्यक्तिगत रूप से ब्लॉक करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।

ट्राई के इन नए दिशा-निर्देशों से साफ है कि डिजिटल टेलीकॉम स्पेस में स्पैमर्स, अनधिकृत टेलीमार्केटर्स और साइबर ठगों के लिए बच निकलने के सारे रास्ते बंद किए जा रहे हैं।

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