September 19, 2026 10:51 am

UP Weather Alert: 19 सितंबर को यूपी में कैसा रहेगा मौसम? जानें बारिश, तापमान और मानसून की विदाई का पूरा अपडेट

उत्तर प्रदेश में मानसून अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है, लेकिन जाते-जाते भी बादलों की आवाजाही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम को लगातार बदल रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। जहां कुछ जिलों में बादलों की लुकाछिपी और हल्की बारिश से मौसम सुहावना रहेगा, वहीं मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में मौसम कैसा रहने वाला है।

मौसम विभाग के अनुसार, 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश के करीब तीन दर्जन से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, संभल, बुलंदशहर, मथुरा, आगरा, बिजनौर और मैनपुरी जैसे क्षेत्रों में बादलों की गड़गड़ाहट और हल्की वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य भाग के जिलों—जैसे राजधानी लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, सीतापुर, हरदोई, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी छिटपुट फुहारें पड़ने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पूरे प्रदेश में किसी व्यापक भारी बारिश या अतिवृष्टि के बड़े खतरे की संभावना नहीं है, लेकिन स्थानीय मौसमी परिसंचरण के कारण कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है।

तापमान के मोर्चे पर बात करें तो आज प्रदेश में पारे में कोई भारी गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। लखनऊ और आसपास के मध्यवर्ती जनपदों में अधिकतम तापमान लगभग 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किए जाने का अनुमान है। दिन के समय तेज धूप निकलने और हवा में नमी अधिक होने के कारण उमस का स्तर काफी ऊंचा रहेगा।

पश्चिमी यूपी के औद्योगिक शहरों नोएडा और गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तराई बेल्ट और बुंदेलखंड के कुछ जिलों जैसे झांसी, ललितपुर और बांदा में दोपहर के समय तेज उमस का असर अधिक रहेगा। बारिश के एक-दो दौर के बाद ही लोगों को तात्कालिक राहत मिलेगी, लेकिन वर्षा थमते ही फिर से उमस भरा चिपचिपा मौसम परेशान कर सकता है।

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया उत्तर-पश्चिम भारत यानी पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से शुरू होने के अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं। सामान्य तौर पर राजस्थान से मानसून की वापसी के बाद धीरे-धीरे पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी मानसूनी हवाएं पीछे हटना शुरू होती हैं।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश से मानसून की विधिवत विदाई की शुरुआत सितंबर के अंतिम सप्ताह (25 से 30 सितंबर के मध्य) तक हो सकती है। तब तक बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बनने वाले कमजोर मौसमी तंत्रों के प्रभाव से रुक-रुक कर स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहेगा। आने वाले कुछ दिनों में हवाओं का रुख पूरी तरह पछुआ होते ही नमी कम होगी और अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही सुबह-शाम के तापमान में गुलाबी ठंडक की आहट महसूस होने लगेगी।

मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति पर नजर रखें। जहां तेज गरज-चमक या बिजली गिरने की संभावना हो, वहां किसान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। साथ ही, कटी हुई फसलों या तैयार उपज को खुले स्थानों पर न छोड़ें, ताकि छिटपुट बारिश से फसलों को नुकसान न पहुंचे। आम यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दिनभर के कामकाज के लिए निकलते समय मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और उमस से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।

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