October 3, 2026 4:16 am

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फ्लाईदुबई विमान हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख, ईरान को चेतावनी देते हुए मिडिल ईस्ट भेजे 10,000 अमेरिकी सैनिक

मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है। फ्लाईदुबई के एक विमान में हाल ही में हुई एक खतरनाक और हिंसक घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप की चेतावनी के बाद अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत को भारी पैमाने पर बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके तहत मिडिल ईस्ट में लगभग 9,000 से 10,000 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक और एक तीसरा विमानवाहक पोत तैनात किया जा रहा है। अमेरिका के इस कदम से क्षेत्र में सुरक्षा समीकरण पूरी तरह से बदलते हुए नजर आ रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली युद्धपोत ‘यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट’ और उसका पूरा स्ट्राइक ग्रुप आगामी नवंबर महीने के अंत तक मध्य पूर्व के जलक्षेत्र में पहुंच जाएगा। इस नई और बड़ी सैन्य तैनाती से क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की उपस्थिति अभूतपूर्व रूप से मजबूत हो जाएगी, जिसमें 20,000 से अधिक प्रशिक्षित नाविक और मरीन के साथ-साथ सैकड़ों अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी शामिल होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में पहले से ही दो अन्य विमानवाहक पोत— ‘यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ और ‘यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन’ पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। इनमें से ‘यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन’ को आमतौर पर प्रशांत महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जाना जाता है, लेकिन लंबी तैनाती के बाद ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ को राहत देने के उद्देश्य से इसे विशेष रूप से मिडिल ईस्ट भेजा गया है। अमेरिका की इस त्रि-स्तरीय विमानवाहक पोत रणनीति को बहुत बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान कतरी मध्यस्थों के माध्यम से ईरान की ओर से अमेरिका के पास एक शांति प्रस्ताव भेजा गया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खुलवाने के लिए एक ठोस समझौता चाहते हैं, क्योंकि उनके अनुसार विरोधी पक्ष इस संघर्ष में बुरी तरह से पिछड़ रहा है।

हाल ही में दुबई से उड़ान भरने वाले फ्लाईदुबई के एक विमान के कॉकपिट के भीतर को-पायलट द्वारा कैप्टन पर अचानक जानलेवा हमला किए जाने की चौंकाने वाली घटना सामने आई थी। जब मीडिया ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह सवाल किया कि क्या इस सनसनीखेज हमले का कोई संबंध ईरान से जुड़ा हुआ है, तो ट्रंप ने इसके जवाब में कहा कि उन्हें जो जानकारियां मिल रही हैं, उनके आधार पर उनका जवाब “हां” है, हालांकि इस मामले की गहराई से जांच अभी भी जारी है।

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अमेरिका इस घटना के जवाब में ईरान के खिलाफ कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा, तो ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “ओह, उन्हें बहुत जोर से मारा जाएगा, चिंता मत करो।” हालांकि, इस हमले में आधिकारिक तौर पर किसी ईरानी संलिप्तता के पुख्ता सबूत अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के इस तीखे बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सरगर्मी और ज्यादा बढ़ा दी है।

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