
भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली में हमारे शरीर कई बार ऐसे अजीबोगरीब संकेत देते हैं जिन्हें हम अक्सर मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह समस्या है पैरों के तलवों में अचानक तेज जलन (Burning Sensation in Feet) होना, जो खासकर रात के समय या सोते वक्त और ज्यादा बढ़ जाती है। अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि पैरों के तलवों में होने वाली यह जलन केवल शरीर में विटामिन बी12 (Vitamin B12 Deficiency) या आयरन की कमी के कारण होती है, और वे बिना डॉक्टर की सलाह के मल्टीविटामिन की गोलियां खानी शुरू कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस और जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट्स का यह कहना है कि तलवों में जलन के पीछे विटामिन की कमी के अलावा कई अन्य गंभीर आंतरिक कारण, नसों की कमजोरी, डायबिटीज और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याएं भी छिपी हो सकती हैं। यदि समय रहते इन कारणों की पहचान न की जाए तो यह समस्या और अधिक विकराल रूप धारण कर सकती है। आज के इस विस्तृत, स्वास्थ्यवर्धक और वैज्ञानिक आलेख में हम आपको पैरों के तलवों में जलन होने के सभी मुख्य कारणों, इसके लक्षणों और इससे राहत पाने के अचूक उपायों के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
पैरों के तलवों में जलन का सबसे बड़ा कारण: विटामिन B12 और न्यूरोपैथी का कनेक्शन
जब भी हमारे शरीर में विटामिन बी12 की कमी होती है, तो हमारे तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम (Nervous System) पर इसका सबसे पहला और बुरा असर पड़ता है। विटामिन बी12 हमारे शरीर की नसों को स्वस्थ रखने और उनके चारों तरफ बने माइलिन शीथ (Myelin Sheath) की रक्षा करने का काम करता है। जब इस विटामिन की भारी कमी हो जाती है, तो नसें कमजोर होने लगती हैं और ‘पेरिफेरल न्यूरोपैथी’ (Peripheral Neuropathy) की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिसके कारण हाथों और पैरों के तलवों में सुई चुभने जैसा अहसास, सुन्नपन और तेज जलन होने लगती है। शाकाहारी भोजन करने वाले लोगों में अक्सर इस विटामिन की कमी पाई जाती है, क्योंकि यह मुख्य रूप से एनिमल प्रोडक्ट्स, डेयरी उत्पादों, मछली और अंडों में पाया जाता है। इसलिए यदि आपके तलवों में लगातार जलन बनी रहती है, तो सबसे पहले अपने डॉक्टर से मिलकर विटामिन बी12 का ब्लड टेस्ट जरूर करवाना चाहिए और अपने खान-पान में पनीर, दूध, दही और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
डायबिटीज और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल: नसों को अंदर से खोखला करने वाला साइलेंट किलर
पैरों के तलवों में जलन का दूसरा सबसे प्रमुख और खतरनाक कारण टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) या बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल होता है। जिन लोगों को लंबे समय से मधुमेह की समस्या रहती है और उनका शुगर कंट्रोल में नहीं रहता, उनके खून की नसें धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘डायबेटिक न्यूरोपैथी’ (Diabetic Neuropathy) कहा जाता है। इसमें पैरों के सुदूर छोर यानी तलवों तक सही मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते, जिससे वहां की नसें काम करना बंद कर देती हैं और लगातार जलन व चुभन महसूस होती है। कई बार लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उन्हें शुगर की शुरुआती समस्या है, और तलवों की जलन उनका सबसे पहला लक्षण बनकर सामने आती है। इसलिए अपने ब्लड शुगर की नियमित जांच करवाना और मीठी चीजों से दूरी बनाना इस समस्या से बचने का सबसे अचूक उपाय है।
शरीर में खराब ब्लड सर्कुलेशन और थायराइड असंतुलन की भूमिका
हमारे दिल द्वारा पंप किया जाने वाला खून जब सही तरीके से पैरों के निचले हिस्सों तक नहीं पहुंच पाता, तो ‘पुअर ब्लड सर्कुलेशन’ (Poor Blood Circulation) के कारण तलवों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जो जलन का रूप ले लेती है। इसके अलावा, शरीर में थायराइड हॉर्मोन (Thyroid Imbalance) का असंतुलन होना भी इसका एक बड़ा कारण है, क्योंकि हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और नसों में सूजन आने लगती है। जो लोग बहुत अधिक तंग जूते पहनते हैं, दिनभर खड़े रहकर काम करते हैं या जिनके शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) की मात्रा बढ़ जाती है, उन्हें भी इस प्रकार की बर्निंग फीट सिंड्रोम (Burning Feet Syndrome) का सामना करना पड़ता है। जीवनशैली में थोड़ा सा अनुशासन लाकर और रोजाना हल्के व्यायाम व वॉक करके ब्लड सर्कुलेशन को सुधारा जा सकता है।
पैरों की जलन से तुरंत राहत पाने के लिए अपनाएं ये असरदार घरेलू और प्राकृतिक उपाय
यदि रात को सोते समय आपके पैरों के तलवों में अचानक तेज जलन शुरू हो जाए और आप तुरंत राहत पाना चाहते हैं, तो कुछ बहुत ही सरल और प्रभावी घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं। सबसे पहले एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक (Epsom Salt) मिलाकर अपने पैरों को 15 से 20 मिनट के लिए उसमें डुबोकर रखें, जिससे नसों को तुरंत आराम मिलता है और सूजन कम होती है। इसके अलावा, ठंडे पानी की सिकाई करना या शुद्ध नारियल तेल या एलोवेरा जेल से तलवों की हल्के हाथों से मालिश करना भी बहुत फायदेमंद साबित होता है। अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और ताजे फलों के जूस को शामिल करें ताकि शरीर को अंदरूनी पोषण मिल सके। यदि तमाम घरेलू उपाय करने के बाद भी जलन कम न हो, तो किसी अच्छे जनरल फिजीशियन या न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर उचित मेडिकल ट्रीटमेंट शुरू करें, ताकि भविष्य में किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।









