
राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। आज आंदोलन 14वें दिन में प्रवेश कर गया है। हेमंत सोरेन सरकार की तरफ से बातचीत का प्रस्ताव तो भेजा गया, मगर अब तक वार्ता संभव हो नहीं पाई है। छात्रों की मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार के इस रवैये पर सवाल उठाया है।
छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “सरकार का रवैया छात्रों के प्रति बहुत ही असंवेदनशील है। कई बार उनके अधिकारी आए और कहा कि सरकार वार्ता के लिए तैयार है, आप अपने प्रतिनिधिमंडल का नाम भेजिए। यही तीन दिन से चल रहा है। मगर अब तक सहमति नहीं बन पा रही है। SDM और ADM को भेजा गया, मगर हमने पहले ही कहा था बात सीधे CM से होगी।”
JPSC-JSSC के सुधार के लिए कुर्बानी देनी होगी-देवेंद्र महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने आगे कहा, “देश की आजादी में इतने लोग शहीद हुए तो हमें लगता है कि यदि JPSC-JSSC के सुधार के लिए कुर्बानी के रास्ते पर भी जाना पड़े तो ये गलत नहीं है। हम मिल-जुलकर ऐसा सिस्टम तैयार करेंगे जिसमें धांधली की संभावना ना हो। एक ऐसी व्यवस्था हो कि जो पढ़ेगा, उसी को नौकरी मिलेगी।”
हमारी हालात सरकार को दिखाई नहीं दे रहे हैं-छात्र
वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने कहा, “हमारी हालात सरकार को दिखाई नहीं दे रहे हैं। सरकार से प्रार्थना है कि सुन लीजिए। यदि आप हमारी बात नहीं सुनते तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए,आप इस पद पर बने रहने लायक नहीं हैं। आपको छात्रों की समस्या कोई समस्या लगती ही नहीं जबकि ये न केवल समस्या है बल्कि हत्या है, हमारे अधिकारों की हत्या। हेमंत सोरेन आप हमारे अभिभावक हैं, आपको हम अपना अभिभावक मानते हैं। कुछ लोग आपको बहका रहे हैं, उनके बहकावे में ना आकर आप सीधे हमसे संवाद करें।”
इससे पहले रांची सदर के SDM कुमार रजत और ADM धनंजय कुमार गुरुवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे। दोनों के प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत की और आंदोलन को शांत कराने और गतिरोध दूर करने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने छात्रों की समस्याओं को सुना और उनसे शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की। अब देखना होगा कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से सरकार की वार्ता कब होती है।








