
बीते दो दिनों हुई भारी बारिश के कारण हाल ही में शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के निकास द्वार स्थित अंडरपास में मंगलवार को कुछ समय के लिए कई फीट पानी भर गया। जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस छिड़ गई। वहीं, एयरपोर्ट प्रबंधन ने समस्या का तुरंत समाधान कर हालात को सामान्य कर दिया।
वीडियो में एयरपोर्ट के टर्मिनल से पार्किंग और टैक्सी स्टैंड की ओर जाने वाले अंडरपास में पानी जमा दिख रहा है। अंडरपास का नजारा किसी वाटर पार्क जैसा लग रहा था। वीडियो में एयरपोर्ट कर्मचारी पानी निकालने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। बता दें कि यह अंडरपास एयरपोर्ट के फोरकोर्ट को पार्किंग एरिया से जोड़ता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जलभराव का वीडियो
यात्री इसी रास्ते से होकर पार्किंग क्षेत्र पहुंचते हैं और वहां से आगे का सफर तय करते हैं। जलभराव के कारण यात्रियों को कुछ घंटों के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मुख्य टर्मिनल बिल्डिंग को पार्किंग जोन से जोड़ने वाले रास्ते और अंडरपास में बारिश का पानी जमा हुआ दिखाई दे रहा है।
नेटिजंस ने लिए मजे, एयरपोर्ट के डिजाइन पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद करोड़ों के लागत से बने एयरपोर्ट को लेकर बहस छिड़ गई। लोग इसके इंफ्रास्ट्रक्चर, ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े करने तो कुछ नेटिजंस इसका मजा लेते भी नजर आए। एक यूजर्स ने लिखा यहां जहाज उड़ेंगे या तैरेंगे? एक अन्य यूजर्स ने एयरपोर्ट के डिजाइन का मजाक उड़ाया, जो वाराणसी के घाटों से प्रेरित है। उन्होंने मजाक में कहा कि पानी से भरा अंडरपास असल में एक रिवरफ्रंट में बदल गया है।
जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स (ट्विटर) पर वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा कि “क्या अब एयरपोर्ट पर भी नावें चलेंगी?” उन्होंने मौजूदा सरकार के अधीन बने इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और प्रशासन पर तंज कसा।
आलोचनाओं के जवाब में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) प्रबंधन ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि फ्लाइट ऑपरेशन और एयरपोर्ट के सामान्य कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि कम समय में असामान्य रूप से भारी बारिश के कारण पानी जमा हो गया था। क्विक-रिस्पॉन्स टीमों ने 30 मिनट के भीतर परिसर से पानी निकाल दिया। यात्रियों की सुविधा के लिए उन्हें वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया।









