
त्योहारों और आम दिनों में बाजार में दूध और उससे बने उत्पादों की मांग हमेशा बनी रहती है। इसी मांग का फायदा उठाने के लिए कुछ मिलावटखोर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खाद्य विभाग ने ऐसे ही एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए नकली पनीर की फैक्ट्री पकड़ी है।
अभियान के तहत छाता इलाके में छापेमारी
मथुरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार एक सख्त विशेष अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने मथुरा के छाता इलाके में चल रही एक नकली पनीर निर्माण फैक्ट्री पर अचानक छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार, यह फैक्ट्री सोनू कुमार (पुत्र छीतरमल) द्वारा संचालित की जा रही थी। जब टीम ने इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां बड़े पैमाने पर नकली पनीर का उत्पादन होता पाया गया, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
खतरनाक रसायनों से तैयार हो रहा था ‘सफेद जहर’
छापेमारी के दौरान जो सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात सामने आई, वह थी पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री। यहां शुद्ध दूध के बजाय रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, टीनोपाल केमिकल, आयरा और सोडियम हाइड्रोक्साइड (कास्टिक सोडा) जैसे बेहद खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीनोपाल और सोडियम हाइड्रोक्साइड का प्रयोग आम तौर पर कपड़े धोने या सफाई के कार्यों में होता है, लेकिन यहां इसे सफेद और चमकदार नकली पनीर बनाने के लिए धड़ल्ले से उपयोग में लाया जा रहा था। टीम ने मौके से भारी मात्रा में इन हानिकारक रसायनों को जब्त कर लिया है।
500 किलो नकली पनीर नष्ट, लाखों का माल सीज
खाद्य विभाग की टीम ने मौके से मिले 500 किलोग्राम दूषित पनीर को तुरंत प्रभाव से नष्ट करा दिया ताकि यह बाजार में जाकर लोगों को बीमार न करे। अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान लैब टेस्टिंग के लिए कुल 9 अलग-अलग सैंपल लिए गए हैं। इसके अलावा, टीम ने लगभग 1.05 लाख रुपये की कीमत का 500 किलो दूषित पनीर और 1.25 लाख रुपये की कीमत का 2000 लीटर संदिग्ध दूध सीज किया है। इस गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज करा दी है।
वृंदावन में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
मथुरा में मिलावटखोरों के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा टीम ने धार्मिक नगरी वृंदावन में एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। वृंदावन में विभिन्न मिठाई की दुकानों और उनके गोदामों पर छापेमारी की गई थी, जहां बेहद गंदगी भरे माहौल में मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। उस दौरान टीम ने लगभग 4100 किलोग्राम मिलावटी मिठाई को जब्त किया था।
इस मिलावटी माल की अनुमानित कीमत करीब 6.15 लाख से 6.27 लाख रुपये के बीच आंकी गई थी। प्रशासन ने उस पूरे दूषित माल को जेसीबी (JCB) मशीन की मदद से नष्ट कर दिया था और जांच के लिए कई सैंपल भेज दिए थे। खाद्य विभाग की यह निरंतर कार्रवाई स्पष्ट करती है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।









