
माफिया अतीक अहमद के बेटे मोहम्मद उमर के काफिले की गाड़ियों के नवाबगंज टोल प्लाजा पर टोल टैक्स न देने का मामला सामने आया है। इसके बाद टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश यादव ने नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। नवाबगंज टोल प्लाजा के असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश यादव ने बताया कि उमर के काफिले की सभी गाड़ियां टोल बैरियर तोड़कर बिना फीस दिए निकल गईं।
रोकने की कोशिश पर कर्मचारियों से मारपीट की गई। उन्हें कुचलने की भी कोशिश हुई। कर्मचारियों ने किसी तरह किनारे होकर अपनी-अपनी जान बचाई। टोल मैनेजर जय प्रकाश ने नवाबगंज थाने की पुलिस को सबूत दिए। इससे 2 घंटे पहले प्रतापगढ़ पुलिस ने 2 गाड़ियों पर केस दर्ज किया था। आपको बता दें कि उमर लखनऊ जेल में बंद है। शनिवार को पुलिस वैन से उसे लखनऊ से प्रयागराज लाया गया था। वह छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल हुआ था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे 4 साल में पहली बार शर्तों के साथ पैराल दी थी। पुलिस अब नंबर के आधार पर गाड़ियों की पहचान कर रही है।
विस्तार से जानिए पूरा मामला
पूरा मामला देर शनिवार रात करीब 3:50 बजे का है। पुलिस सुरक्षा के बीच अतीक के बड़े बेटे उमर को लखनऊ से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस की सरकारी गाड़ियां जैसे ही टोल प्लाजा के बूथ नंबर-3 से आगे निकलीं, उनके ठीक पीछे चल रही काफिले की करीब 28 गाड़ियां भी बिना रुके तेजी से निकलने लगीं। जब वहां तैनात टोल कर्मियों ने टोल टैक्स लेने के लिए गाड़ियों को रोकना चाहा, तो गाड़ियों में सवार लोग भड़क गए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
टोल प्लाजा के सहायक प्रबंधक जयप्रकाश यादव ने इस घटना की लिखित शिकायत (तहरीर) नवाबगंज थाने में दी है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ ड्राइवरों ने तो कर्मचारियों के ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिससे कर्मचारियों ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई। गाड़ियों की टक्कर से टोल प्लाजा का बैरियर भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे टोल कंपनी को भारी नुकसान हुआ है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि काफिले की कई गाड़ियों पर नंबर प्लेट नहीं थी या नंबर अधूरे लिखे हुए थे।
टोल प्रबंधन ने कराए कई वाहनों के नंबर उपलब्ध
टोल प्रबंधन ने पुलिस को दी शिकायत में कई वाहनों के नंबर उपलब्ध कराए हैं। इनमें UP32 NJ 1458, UP70HP 8416, UP32QC0072, UP32EZ2056, UP70HB1786, UP70DL6CT9370, UP60AV5378, UP70HX3080, UP70GV2525, UP32G E8243, UP32K R3795, UP70GQ4834 समेत अन्य वाहन शामिल बताए गए हैं।
भाई अबान के जनाजे में शामिल होने आया था अली
बता दें कि अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की झांसी जाते वक्त सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए अली और उमर को पैरोल मिला था, जिसके बाद उन्हें झांसी और लखनऊ जेल से लाया जा रहा था। इस दौरान अतीक के समर्थक भी पुलिस की गाड़ी के पीछे-पीछे चल दिए थे। तभी उन्होंने टोल प्लाजा पर टोल नहीं दिया।
प्रयागराज पहुंचते ही गाड़ियों का काफिला बढ़ गया
प्रयागराज के लिए रवाना होते ही उमर और अली के करीबियों की गाड़ियां उनकी गाड़ियों के पीछे-पीछे चलने लगीं। प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करते-करते समर्थकों की गाड़ियों का काफिला लगातार बढ़ता गया। कसारी-मसारी पहुंचने तक दोनों के काफिले में कई गाड़ियां दिखाई दीं।
अतीक की मौत के बाद पहली बार फिर दिखा ऐसी भीड़
3 साल पहले 15 अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में अतीक परिवार को लेकर इतना बड़ा जनसमूह एक बार फिर दिखाई दिया। हालांकि इस बार मौका राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का नहीं, बल्कि परिवार के छोटे बेटे आबान की मौत के बाद अंतिम संस्कार का था।








