​डिजिटल क्रांति -सेवा सेतु से घर बैठे मिल रहा है प्रमाण पत्र

​“सेवा सेतु – जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” पहल से सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति, समय और पैसे दोनों की हो रही बचत

​रायपुर, 13 जुलाई 2026

सेवा सेतु छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ लाने का एक खास पहल है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य हर एक नागरिक, विशेषतरू दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों, तक सरकार की योजनाएँ और सुविधाएँ पहुंचाना हैं। श्सेवा सेतुश् सरकार की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय हैं। छत्तीसगढ़ शासन की सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस की महत्वाकांक्षी पहल “सेवा सेतु – जनता के द्वार, डिजिटल सरकार” आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने न केवल सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाया है, बल्कि नागरिकों का सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत किया है। अब विभिन्न शासकीय प्रमाण पत्रों के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ रही है। घर बैठे ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सत्यापन और समयबद्ध डिलीवरी से प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।

​कुरूद के सागर की बदली राह, आसान हुआ काम

​डिजिटल सेवा के सुगम क्रियान्वयन का ताजा उदाहरण धमतरी जिले के कुरूद तहसील में देखने को मिला। यहाँ के निवासी श्री सागर को अपने एक जरूरी शासकीय कार्य के लिए तत्काल निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।  ​पारंपरिक प्रक्रिया को याद करते हुए वे बताते हैं कि पहले प्रमाण पत्र बनवाने का मतलब था,कई दिनों की भागदौड़, लंबी लाइनें, दैनिक काम का नुकसान और मानसिक परेशानी। लेकिन सेवा सेतु ने इस पूरी तस्वीर को बदल दिया है।

जब सागर को सेवा सेतु पोर्टल की जानकारी मिली, तो उन्होंने घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन किया और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर दिए। विभाग द्वारा त्वरित डिजिटल सत्यापन के बाद उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त निवास प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी कर दिया गया, जिसे उन्होंने आसानी से डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लिया।

सेवा सेतु नागरिकों के लिए अत्यंत हितकारी 

​सेवा सेतु के तीन मुख्य स्तंभ जिससे जनता को  राहत मिली।आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के लिए यह योजना अत्यंत हितकारी साबित हो रही है, क्योंकि अब उन्हें जिला या तहसील मुख्यालय आने-जाने का किराया और समय नहीं गंवाना पड़ता। डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू होने से शासकीय कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ कम हुई है, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता में भी सुधार आया है।
​जमीनी स्तर पर लोगों के सपने साकार हो रहे हैं।

डिजिटल भारत का सपना हो रहा है साकार

​सेवा सेतु पोर्टल केवल एक तकनीकी माध्यम नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-Centric Governance) की दिशा में राज्य सरकार का एक बड़ा कदम है। सुशासन और पारदर्शिता की इस प्रतिबद्धता ने यह साबित कर दिया है कि यदि तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो सरकार सचमुच जनता के द्वार तक पहुँच सकती है। धमतरी के सागर जैसे लाखों नागरिक आज इस व्यवस्था की सराहना कर रहे हैं।

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