
सावन मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही शहर के शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों की ओर उमड़ पड़े।श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद भक्त प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आई। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था की। नागपंचमी पर नागेश्वरनाथ मंदिर जलाभिषेक लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग और निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई।
नागेश्वरनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
नागेश्वरनाथ मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मान्यता है कि नागेश्वरनाथ मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। नागपंचमी पर यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। यहां दर्शन के बाद श्रद्धालुओं का प्रवाह हनुमानगढ़ी और राम मंदिर की ओर बढ़ा।
अयोध्या को 5 जोन में बांटा गया-सिटी SP
सुरक्षा व्यवस्था पर SP सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने कहा, “आज श्रावण महीने का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का त्योहार है, जिसकी वजह से अयोध्या में भारी भीड़ उमड़ी है। श्रद्धालु सुबह से ही सरयू नदी में डुबकी लगा रहे हैं और नागेश्वरनाथ मंदिर में जल चढ़ा रहे हैं। अयोध्या को 5 जोन में बांटा गया है, जिनमें प्रमुख मंदिर और मुख्य सड़कें शामिल हैं, और यहां सुरक्षा के लिए पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।”
CCTV से की जा रही है भीड़ की निगरानी
“श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई है, और वॉटर पुलिस के साथ SDRF की टीमें घाटों पर गश्त कर रही हैं, जो नहाने वालों को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दे रही हैं। मंदिरों में प्रवेश, दर्शन और बाहर निकलने के लिए अलग-अलग पुलिस इंतज़ाम किए गए हैं, और पूरे मेले वाले इलाके की निगरानी CCTV से की जा रही है। कंट्रोल रूम लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।”









