
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी युद्ध जल्द खत्म होने वाला है। इस बात की घोषणा खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने की है।ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने इसका ऐलान किया। इस युद्ध की वजह से दोनों देशों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति अब इसे खत्म करने का फैसला किया है। वहीं, होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के न्यूक्लियर पावर को लेकर भी ट्रंप ने बड़ी बात कही है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध करीब 6 महीने से जारी है। मगर अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। कुछ दिन पहले दोनों देशों ने वार्ता के बाद सीजफायर का ऐलान किया था। मगर इसकी घोषणा कि कुछ ही दिन बात फिर से दोनों और हमले शुरू हो गए। अब ट्रंप ने फिर से इस जंग के जल्द खत्म होने की बात कही है।
युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मैंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में बहुत जरूरी एक्सकर्शन शुरू किया, यह बहुत जरूरी एक्सकर्शन था क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। मुझे लगता है कि युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है, मुझे नहीं लगता कि वे ज़्यादा समय तक टिक पाएंगे।” ट्रंप ने फिर दोहराया कि होर्मुज की निगरानी अमेरिका करेगा।
हथियारों की कमी पर ट्रंप ने क्या कहा?
बता दें कि रॉयटर्स ने मंगलवार को रिपोर्ट दी थी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के साथ पांच महीने के युद्ध के दौरान अपनी सटीक मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का ज्यादातर ग्लोबल स्टॉक इस्तेमाल कर लिया है। पत्रकारों ने जब हथियारों के स्टॉक की स्थिति के बारे में पूछा, तो ट्रंप ने कहा कि देश के पास कुछ खास हथियारों की लगभग असीमित सप्लाई है, लेकिन उन्होंने माना कि दूसरे हथियारों का स्टॉक सीमित है।
डिफेंस कंपनियां बनाएगी हथियार-ट्रंप
ट्रंप ने कहा, “हमारे पास कुछ खास तरह के हथियार हैं जो बहुत शक्तिशाली हैं और जिनकी सप्लाई असीमित है। कुछ अन्य हथियार भी हैं जिनकी सप्लाई थोड़ी कम है।” ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी डिफेंस कंपनियां और प्रोडक्शन प्लांट बना रही हैं, जिनमें पैट्रियट और टॉमहॉक मिसाइलों के लिए सुविधाएं भी शामिल हैं।
मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता-ट्रंप
इसके पहले ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, “हम उन पर जोरदार प्रहार कर रहे हैं। मगर मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता। हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे। उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि प्लीज ऐसा न करें, हमें बात करने दें। फिर उन्होंने कहा कि हमने ऐसा कभी नहीं कहा था। वे हमारी इज्जत करते हैं।ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकते।”








