
West Bengal: पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार, 9 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वाहन पर कथित हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह के कृत्यों का भाजपा की संस्कृति या नई सरकार के मूल्यों में कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘पिछले 14 साल से उन्होंने जो कुछ भी किया है, लेकिन मैं इस नई सरकार का टीम का सदस्य हूं और मुख्यमंत्री का समर्थक हूं। न तो मैं, न ही हमारी पार्टी, न ही हमारी सरकार हमले, हाथापाई, या कीचड़, स्याही या जूते फेंकने जैसे कृत्यों का समर्थन करती है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हो सकता, यह भाजपा की संस्कृति नहीं है।
यह BJP की संस्कृति नहीं, हम इसका समर्थन नहीं करते-अग्निमित्रा पॉल
उन्होंने कहा, ‘ममाता बनर्जी ने भले ही कई गलतियां की हों, लेकिन हम कभी भी इस तरह के व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकते-विशेषकर एक महिला और एक बुजुर्ग महिला के खिलाफ। हम इसका समर्थन नहीं करते हैं। अगर कोई भाजपा का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हुए इस तरह के कृत्यों को अंजाम दे रहा है, तो वे गलत हैं। अगर भाजपा का स्टैंप लगाकर आप यह कर रहे हैं तो आप गलत कर रहे हैं।’
मेरा सिर फट जाता, हम सब मारे जा सकते थे-ममता बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ‘असामाजिक तत्वों’ ने उत्तर 24 परगना में उनकी कार पर बड़े पत्थरों पर पथराव किया, जब वह एक मृत टीएमसी कार्यकर्ता के आवास के रास्ते में थीं। उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थे।
आगे उन्होंने कहा ‘पुलिस के सामने ही असामाजिक तत्वों ने मेरी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। गाड़ी पर हमला इतना जोरदार था कि अगर खिड़कियां खुली होती, तो मेरा सिर फट जाता। हम सब मारे जा सकते थे। यह पुलिस के ठीक सामने हुआ। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। क्या हो रहा है? पुलिस BJP को सुरक्षा दे रही है।”
BJP का दूर-दूर तक कोई संपर्क नहीं-समिक भट्टाचार्य
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा ‘ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़ फेंकना, पत्थर फेंकना, चप्पल फेंकने के साथ भाजपा का दूर-दूर तक कोई संपर्क नहीं है। यह तृणमूल और जनता की लड़ाई है।’
आगे उन्होंने कहा ‘मुख्यमंत्री तो बहुत दूर की बात है, किसी महिला के गाड़ी पर, किसी नेता की गाड़ी पर पत्थर फेंका जाए, भाजपा इसका समर्थक नहीं है। हम इस घटना की निंदा करते हैं और अगर ऐसा हुआ तो पुलिस है, जो भी कार्रवाई करनी है, वो पुलिस करेगी। मगर तृणमूल को यह भी सोचना चाहिए कि अत्याचार कभी जनता भूली नहीं।’
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