
बांग्लादेश में एक बार हिंसा भड़क उठी। बुधवार को शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के दो साल पूरे हो गए। इस मौके पर अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री ने एक बार फिर से देश वापस लौटने की इच्छा जताई। उनके संबोधन के बाद देश में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई। दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित कार्यक्रम में शेख हसीना ने वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया। उनकी पार्टी के पूर्व सांसद और बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के महज कुछ घंटों बाद शाकिब के घर पर हमला हो गया।
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 9 बजे अज्ञात हमलावरों ने शाकिब अल हसन के घर पर पेट्रोल बम से हमला किया और आग लगाने की कोशिश की। हमलावरों ने पहले ईंट-पत्थर फेंककर घर की खिड़कियां और शीशे तोड़े, फिर पेट्रोल बम फेंके। मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज एमडी अब्दुल्ला अल मामून ने घटना की पुष्टि की है।
शाकिब अल हसन शामिल को अवामी लीग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना भारी पड़ गया। देर रात मगुरा स्थित उनके घर पर हमला हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले, BNP, इस्लामिस्ट जमात और NCP सभी ने खुले तौर पर नेशनल मीडिया आउटलेट्स को धमकी दी कि अगर प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट आती है तो वे ज्यूडिशियरी को हथियार बनाकर मुकदमा करेंगे।
दिल्ली से शेख हसीना ने बांग्लादेश को दिया संदेश
शेख हसीना के वर्जुअल संबोधन के बाद बांग्लादेश में अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। वर्जुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन नई दिल्ली स्थित The Foreign Correspondents Club Of South Asia में किया गया था। शाकिब अल हसन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए थे और शेख हसीना से बातचीत भी की थी।
संबोधन के दौरान भावुक हुई पूर्व PM
अपने संबोधन के दौरान शेख हसीना भावुक हो गईं और फफक-फफक कर रोने लगीं। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित देखा है। यह मेरे सपनों का बांग्लादेश नहीं है। ये वैसा नहीं है, जिसे मैंने बनाया है। ये वो देश नहीं है, जिसके लिए 1971 में 3 मिलियन लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था।
दिसंबर मे वापस देश लौटूंगी-शेख हसीना
शेख हसीना ने फिर से अपने देश लौटने की इच्छा जताते हुए कहा, बांग्लादेश के लोगों ने पिछले दो वर्षों में बहुत दर्द झेला है, चारों तरफ डर का माहौल बना दिया गया है, और इस डर को खत्म करने के लिए इस साल दिसंबर मे वापस देश लौटूंगी, भले इसके लिए मेरी जान ही क्यों ना चली जाए। करीब 25 मिनट के संबोधन के बाद सुरक्षा का हवाला देकर उनका कैमरा बंद करा दिया गया।









