
देश के 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इसी कड़ी में बुधवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की।
कई राज्यों के पुलिस अधिकारी और खुफिया एजेंसियां शामिल
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी भी इस रणनीति बैठक में मौजूद रहे, ताकि सभी राज्यों और एजेंसियों के बीच सटीक समन्वय स्थापित किया जा सके।
आतंकी खतरों और ड्रोन पर पैनी नजर
बैठक में स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा रणनीति तैयार की गई। मुख्य ध्यान निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रहा है। संभावित आतंकवादी खतरों और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा पहरा। ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बलून जैसी उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही पर कड़ी नजर। अंतरराज्यीय सीमाओं पर गश्त बढ़ाना और वाहनों की गहन जांच। सोशल मीडिया पर भ्रामक और असामाजिक अफवाहों को रोकने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग।अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर नकेल कसना।
संगठित अपराध पर संयुक्त प्रहार की अपील
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सभी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से रियल-टाइम सूचनाएं साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से संचालित होने वाले आपराधिक गैंगों और संगठित अपराध के सिंडिकेट्स को ध्वस्त करने के लिए संयुक्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। तमाम एजेंसियों के इस आपसी तालमेल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ के अवसर पर राजधानी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा का अचूक घेरा तैयार करना है।









