Mauganj-राजस्व विभाग में बड़ा एक्शन: मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार पर गिरी गाज, दो वेतनवृद्धियां रोकी गईं
15 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, लंबित प्रकरणों पर कमिश्नर का कड़ा रुख

मऊगंज/रीवा। राजस्व मामलों के निराकरण में लगातार सामने आ रही लापरवाही और फाइलों के ढेर के बीच रीवा संभाग प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने राजस्व कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार वीरेंद्र कुमार पटेल सहित 15 तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी वेतनवृद्धियां रोकने के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले के बाद राजस्व अमले में हलचल तेज हो गई है।
समीक्षा बैठक में सामने आई बड़ी खामियां
बताया गया है कि शासन स्तर पर राजस्व प्रकरणों की ऑनलाइन निगरानी के दौरान यह पाया गया कि नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण मामलों की बड़ी संख्या समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी लंबित पड़ी हुई है। कई मामलों में महीनों से कोई ठोस प्रगति नहीं हुई थी, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासन द्वारा पहले संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया था, लेकिन जवाब और कार्यप्रणाली दोनों ही संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।
मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार पर विशेष कार्रवाई
कमिश्नर ने मऊगंज के प्रभारी तहसीलदार वीरेंद्र कुमार पटेल के खिलाफ दो वार्षिक वेतनवृद्धियां रोकने का आदेश जारी किया है। माना जा रहा है कि लंबित प्रकरणों के निराकरण में लगातार देरी और अपेक्षित जवाबदेही नहीं दिखाने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
प्रशासनिक हलकों में इस कदम को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि अब राजस्व मामलों में लापरवाही को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आम जनता पर पड़ता है सीधा असर
राजस्व विभाग किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों के लंबित रहने से लोगों को महीनों तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कई बार भूमि विवाद और कानूनी उलझनें भी बढ़ जाती हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसी कारण प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई आम जनता को राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कमिश्नर की सख्त चेतावनी
रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने स्पष्ट कहा है कि राजस्व कार्यों में ढिलाई या लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं दिखा तो और भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि पूरे राजस्व तंत्र को जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं आम नागरिकों को उम्मीद है कि इस सख्ती के बाद वर्षों से लंबित राजस्व मामलों का तेजी से निराकरण होगा और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
राजस्व विभाग में हुई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब लंबित फाइलों और सुस्त कार्यप्रणाली पर प्रशासन की नजर है, और जिम्मेदारी तय होने का दौर शुरू हो चुका है।






